जातिगत भेदभाव के खिलाफ थे प्रोफेसर दूल्ला, IIT बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ने बताया पूरा सच

Prof Suryanarayana Doolla IIT Bombay: IIT बॉम्बे के पूर्व चेयरमैन शरद कुमार सराफ ने प्रोफेसर दूल्ला का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि प्रोफेसर के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं है. साथ ही उनका ट्रैक रिकॉर्ड भी शानदार रहा है.

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IIT बॉम्बे के प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला पर लगाए गए हैं गंभीर आरोप

IIT बॉम्बे में 19 साल के छात्र साहिल की मौत के बाद परिवार ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं. एग्जाम के दौरान साहिल को मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, इस दौरान प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला इनविजिलेटर के तौर पर वहां मौजूद थे और उन्होंने ही साहिल से फोन लिया था. अब प्रोफेसर दूल्ला पर छात्र के साथ जातिगत भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना जैसे आरोप लगाए गए हैं. इसी बीच IIT बॉम्बे के पूर्व चेयरमैन शरद कुमार सराफ ने NDTV को दिए इंटरव्यू में प्रोफेसर का बचाव किया है और बताया है कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं. इस दौरान पूर्व चेयरमैन सराफ ने ये भी बताया कि प्रोफेसर दूल्ला खुद जातिगत भेदभाव के खिलाफ थे. 

पूर्व चेयरमैन ने बताया क्यों कर रहे समर्थन

IIT बॉम्बे बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के पूर्व चेयरमैन शरद कुमार सराफ ने बताया कि वो प्रोफेसर दूल्ला का सपोर्ट क्यों कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसके दो मुख्य कारण हैं. पहला कारण ये है कि माता-पिता या किसी अन्य व्यक्ति ने प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ कोई विश्वसनीय डेटा या सबूत नहीं दिया है. किसी ने ये नहीं कहा है कि उस तारीख को या उस समय पर प्रोफेसर दूल्ला ने ऐसा कहा या वैसा किया, ऐसा कोई सबूत नहीं है.

दूसरा कारण है कि, प्रोफेसर दूल्ला का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड देखा जाए तो वो बिल्कुल बेदाग रहा है. उनके खिलाफ किसी भी गलत काम का एक छोटा सा भी संदेह नहीं है.  2024 में उन्होंने जातिगत भेदभाव को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक साहसी पहल शुरू की थी. इसलिए उनके खिलाफ ऐसा साबित करने के लिए कुछ भी नहीं है.

छात्र को परीक्षा देने से नहीं रोका

पूर्व चेयरमैन शरद कुमार सराफ ने कहा कि, "जब प्रोफेसर दूल्ला ने उस छात्र को चीटिंग करते पकड़ा, तो उन्होंने उससे ज्यादा कुछ नहीं कहा. उन्होंने बस फोन अपने पास रखा और कहा, ठीक है, तुम परीक्षा देना जारी रखो. तुम्हारे खिलाफ कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी, तुम्हें सस्पेंड नहीं किया जाएगा. उन्होंने काफी अच्छे तरीके से मामले को संभाला और साहिल के माफी मांगने वाले व्यवहार को स्वीकार किया. इसलिए सभी बातें प्रोफेसर दूल्ला के पक्ष में इशारा करती हैं और मुझे लगता है कि उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है."

शरद कुमार सराफ ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर कई लोगों से बात की है और इसके बाद ही वो ये बात कह रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैंने एक नहीं, बल्कि कई प्रोफेसरों से बात की है. मैंने डायरेक्टर से भी बात की है, रजिस्ट्रार से बात की है और IIT के ज्यादातर संबंधित लोगों से चर्चा की है. मैंने कम से कम 10-15 छात्रों से भी बात की है जो उन्हें जानते थे. मैंने खुद से जानकारियां जुटाई हैं और मुझे किसी भी व्यक्ति ने दूर-दूर तक ये नहीं कहा कि डॉ. दूल्ला ने कुछ भी गलत किया."

आईआईटी के पूर्व चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने उन बच्चों से भी बातचीत की, जो उस वक्त क्लासरूम में मौजूद थे. उन्होंने बताया, "छात्रों ने कहा कि जो किया गया वो बिल्कुल सही था. अगर कोई छात्र चीटिंग या गलत काम करते पकड़ा जाता है, तो इसके अलावा और क्या किया जा सकता था? बल्कि, उसके साथ बहुत अच्छा और मानवीय व्यवहार किया गया. सिर्फ उसका फोन लिया गया और उसे परीक्षा जारी रखने को कहा गया." सराफ ने इसे प्रोफेसर दूल्ला के खिलाफ हो रहा मीडिया ट्रायल बताया है. 

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Suryanarayana Doolla
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