IAS Officers Posting and Promotion Rules: उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही चर्चा में हैं. उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया, वे फील्ड में पोस्टिंग नहीं मिलने से नाराज चल रहे थे. इस तरह की खबरों से अक्सर ये सवाल मन में आता है कि देश में IAS अधिकारियों की पोस्टिंग और प्रमोशन किन नियमों के तहत किए जाते हैं. आज इस लेख में जानें ऐसे महत्वपूर्ण नियम, जिनको ध्यान में रखते हुए सिविल सेवा अधिकारी की पोस्टिंग व प्रमोशन किए जाते हैं. इन नियमों में कई बार परिवर्तन भी किए जाते हैं.
IAS अधिकारियों की पदोन्नति
नियमित अंतराल पर IAS अधिकारियों की पदोन्नति की जाती है-
- नौकरी की शुरुआत में 1–4 वर्ष तक SDM/Under Secretary पद
- 5–8 वर्ष के बीच ADM/Deputy Secretary पद
- 9–12 वर्ष की सेवा के बीच District Magistrate/Director का पद
- 13–16 वर्ष की सेवा के दौरान DM (Selection Grade)/Director का पद
- 16–24 वर्ष के बीच Divisional Commissioner/Joint Secretary का पद
- 25–30 वर्ष के बीच Principal Secretary/ Additional Secretary का पद
- 34–36 वर्ष सेवा के बीच Chief Secretary/Secretary (GOI) का पद
- 37+ वर्ष सेवा के दौरान Cabinet Secretary (भारत का सर्वोच्च पद) मिल सकता है. इसका मतलब है कि एक IAS अधिकारी लगभग 35–37 साल में सबसे ऊंचे पद (Cabinet Secretary) तक पहुंच सकता है.
IAS अधिकारियों की पदोन्नति का आधार
IAS का प्रमोशन किसी एक चीज पर निर्भर नहीं होता है. कई फैक्टर ऐसे हैं, जिनके आधार पर पदोन्नति तय की जाती है. इनमें सेवा के वर्ष, प्रदर्शन रिपोर्ट, ईमानदारी, वरिष्ठता, खाली पद आदि को देखा जाता है. साथ ही प्रमोशन एक स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा तय किया जाता है.
IAS का पद क्रम
IAS का पद क्रम इस प्रकार का होता है:
SDM → ADM → DM → Commissioner → Secretary → Chief Secretary → Cabinet Secretary
कैसे तय की जाती है IAS अधिकारियों की पोस्टिंग
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद IAS अधिकारी की सबसे पहले ट्रेनिंग होती है. जहां अधिकारियों को प्रशासन, कानून व सरकारी योजनाओं, आम जनता से जुड़े कामों आदि की जानकारी दी जाती है.
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ट्रेनिंग के बाद IAS अधिकारी को पहली फील्ड पोस्टिंग दी जाती है. यह पोस्टिंग सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM), असिस्टेंट कलेक्टर या जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर की जाती है. इसके बाद उन्हें एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (ADM) या किसी शहर में म्यूनिसिपल कमिश्नर जैसे पद पर तैनात किया जा सकता है. पोस्टिंग कहां होगी, ये उनके कार्य, प्रदर्शन व ईमानदारी आदि के अनुसार तय किया जाता है.