Anupam Mittal Success Story : आज जब टीवी पर शॉर्क टैंक इंडिया में अनुपम मित्तल स्टार्टअप्स को जज करते नजर आते हैं, तो उनकी पर्सनैलिटी पूरी तरह कॉन्फिडेंट, सॉलिड और सक्सेसफुल दिखती है. लेकिन इस चमकदार इमेज के पीछे एक ऐसा दौर भी रहा है, जब उन्हें अचानक अपनी नौकरी से निकाल दिया गया था और जिंदगी दिशाहीन सी लग रही थी. अनुपम मित्तल आज भारत के सबसे सफल एंटरप्रेन्योर्स में गिने जाते हैं. उनकी अनुमानित नेटवर्थ करीब 185 करोड़ रुपए है. वह देश की सबसे बड़ी मैट्रिमोनियल वेबसाइट Shaadi.com के फाउंडर हैं और कई स्टार्टअप्स में इन्वेस्टर भी हैं.
नौकरी जाने का झटकासाल 2001 की बात है. अनुपम मित्तल अमेरिका में एक कंपनी में काम कर रहे थे. उसी दौरान डॉट-कॉम क्रैश हुआ, जिसने कई टेक कंपनियों को हिला कर रख दिया. इसी उथल-पुथल में अनुपम की नौकरी भी चली गई. नौकरी से निकाले जाने का वो दिन उनके लिए बहुत परेशानी भरा था. बचत सेविंग तेजी से खत्म हो रही थी और सबसे बड़ी परेशानी ये थी कि वह खुद को पहचान नहीं पा रहे थे कि अब वह हैं कौन.
नौकरी जाने के बाद शुरुआती हफ्ते गुस्से और खुद को दोष देने में निकल गए. अनुपम कभी हालात को कोसते, कभी किस्मत को. बाहर से देखने पर लगता था कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन अंदर ही अंदर वह अपनी पहचान खोने जैसा महसूस कर रहे थे. वो मानते हैं कि प्रोफेशनल फेलियर सिर्फ पैसों का नुकसान नहीं होता, बल्कि इंसान को अंदर से तोड़ देता है. यही फेज उनकी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर था.
एक सवाल जिसने सब बदल दियापरेशानी के इसी दौर में उन्होंने खुद से एक ईमानदार सवाल पूछा कि वो आखिर बनाना या करना क्या चाहते हैं. जवाब मिला कोई ऐसा काम जो उन्हें अंदर से हिला दे और आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करे. इस सवाल ने उन्हें जॉब ढूंढने की दौड़ से बाहर निकाल दिया. उन्होंने तय किया कि अब किसी और के लिए काम नहीं करेंगे, बल्कि अपना कुछ शुरू करेंगे. शुरुआत बहुत साधारण थी. एक बेसिक वेबसाइट बनाई और धीरे-धीरे उस पर काम करते गए. यही आइडिया आगे चलकर Shaadi.com बना.
कुछ ही सालों में Shaadi.com भारत की सबसे बड़ी मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स में शामिल हो गई. इस प्लेटफॉर्म ने शादी को देखने और समझने का तरीका ही बदल दिया. इसके बाद अनुपम ने कई और वेंचर्स शुरू किए और कई स्टार्टअप्स में इन्वेस्ट किया. आज वह न सिर्फ Shaadi.com के फाउंडर हैं, बल्कि एक जाने-माने एंजेल इन्वेस्टर भी हैं.
अनुपम मित्तल की कहानी बताती है कि सफलता किसी जादू से नहीं मिलती. इसके पीछे सालों की मेहनत और मुश्किलों से लड़ने की ताकत होती है. जो लोग आज खुद को टूटा हुआ महसूस कर रहे हैं, उनके लिए यह कहानी एक इशारा है. जिंदगी अगर रोकती है, तो अक्सर इसलिए कि आगे बढ़ने की नई दिशा दिखा सके.