ABVP की जीत तक नहीं पहनेगा चप्पल, DU के छात्र ने लिया अनोखा संकल्प 

छात्र अभिषेक प्रताप सिंह ने प्रण लिया है कि एबीवीपी का पूरा पैनल जीतने तक वह चप्पल नहीं पहनेगा. चुनाव नतीजों पर अब उसकी नजर टिकी है.

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छात्र अभिषेक प्रताप सिंह ने प्रण लिया है कि एबीवीपी का पूरा पैनल जीतने तक वह चप्पल नहीं पहनेगा.
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  • DU के एमए बौद्ध स्टडी के छात्र ने एबीवीपी की पूर्ण जीत तक चप्पल नहीं पहनने का संकल्प लिया है
  • अभिषेक का यह संकल्प एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास और पूरे पैनल की चारों सीटों की जीत से जुड़ा है
  • अभिषेक का कहना है कि एबीवीपी छात्रों के हितों के लिए सक्रिय है और कैंपस की समस्याओं में उनके साथ खड़ी रहती है

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के बीच एक छात्र का अनोखा संकल्प चर्चा में है. डीयू के बौद्ध स्टडी से एमए कर रहे अभिषेक प्रताप सिंह, जो मूल रूप से मऊ, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, ने फैसला किया है कि जब तक ABVP का पैनल 4-0 से चुनाव नहीं जीतता, तब तक वह चप्पल नहीं पहनेंगे. अभिषेक ने 6 सितंबर को चप्पल का त्याग किया था और अब उन्हें 19 सितंबर यानी कल आने वाले चुनाव परिणाम का इंतजार है. 

“यश डबास के जीतने तक चप्पल नहीं पहनूंगा”

अभिषेक का कहना है कि उनका यह संकल्प खास तौर पर एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास और पूरे पैनल की जीत से जुड़ा है. उनका कहना है कि जब तक ABVP चारों सीटों पर जीत दर्ज नहीं करती, तब तक वह चप्पल नहीं पहनेंगे. अब उनकी नजरें 19 सितंबर पर टिकी हैं.

छात्र हित में काम करने का दावा

NDTV से बातचीत में अभिषेक ने कहा कि ABVP छात्रों के हितों को लेकर लगातार सक्रिय रहती है. उनके मुताबिक, NSUI और लेफ्ट जैसे छात्र संगठन मुद्दों को लेकर माहौल बनाते हैं, लेकिन जब छात्रों को कैंपस या हॉस्टल से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो ABVP के कार्यकर्ता उनके साथ खड़े नजर आते हैं.

अभिषेक ने कहा कि ABVP की ओर से कैंपस में सीसीटीवी फुटेज से जुड़े मुद्दे पर भी बात की गई है. उनका दावा है कि संगठन सभी वर्गों के छात्रों के बीच काम करता है और किसी तरह का भेदभाव नहीं करता. 

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2018 से संगठन में सक्रिय

अभिषेक साल  2018 से ABVP से जुड़े हुए हैं और लगातार संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं. उन्होंने बताया कि कई बार चुनाव लड़ने की तैयारी भी की, लेकिन उनका मानना है कि संगठन जब उन्हें मौका देने का फैसला करेगा, तभी वह चुनाव मैदान में उतरेंगे. 

आपको बता दें कि आज डूसू चुनाव के लिए मतदान हुआ. चुनावी मैदान में उतरे सभी छात्र संगठन, एनएसयूआई से लेकर एबीवीपी तक, अपने उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने और अधिक से अधिक छात्रों का समर्थन जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंकते नजर आए.

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