College vs University: 12वीं के बाद स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेते हैं. हायर स्टडीज के लिए हर कोई अपनी पसंद की यूनिवर्सिटी में जाना चाहता है. कुछ यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास करने पड़ते हैं. बहुत से स्टूडेंट्स कॉलेज और यूनिवर्सिटी को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में काफी अंतर है. इनके काम, अधिकार और पढ़ाई का तरीके काफी अलग होते हैं. आइए जानते हैं कॉलेज और यूनिवर्सिटी में क्या अंतर होता है.
कॉलेज क्या होता है?
कॉलेज आमतौर पर एक ऐसा शिक्षण संस्थान होता है, जहां अंडरग्रेजुएट और कुछ पोस्टग्रेजुएट कोर्स कराए जाते हैं. ज्यादातर कॉलेज किसी न किसी यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड होते हैं, यानी वे यूनिवर्सिटी के नियमों और सिलेबस के अनुसार पढ़ाई करवाते हैं. कॉलेज डिप्लोमा या सर्टिफिकेट तो दे सकते हैं, लेकिन खुद से डिग्री नहीं देते. परीक्षा के बाद यहां डिग्री यूनिवर्सिटी के नाम से मिलती है.
यूनिवर्सिटी क्या होती है?
यूनिवर्सिटी एक बड़ा शैक्षणिक संस्थान होता है, जो खुद से कोर्स डिजाइन करती है, परीक्षा करवाती है और डिग्री भी खुद देती है. इसके अंतर्गत कई कॉलेज आते हैं और साथ ही यूनिवर्सिटी के अपने कैंपस में भी पढ़ाई होती है. यूनिवर्सिटी में सिर्फ ग्रेजुएशन ही नहीं, बल्कि पोस्टग्रेजुएशन, पीएचडी और रिसर्च प्रोग्राम भी होते हैं. यहां पढ़ाई का दायरा बड़ा होता है और स्टूडेंट्स को ज्यादा एक्सपोजर मिलता है. देश की सभी यूनिवर्सिटी UGC (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन) के तहत काम करती है. इसके ही नियमों का पालन करती हैं.
कॉलेज-यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के तरीके में क्या अंतर है
कॉलेज में पढ़ाई ज्यादा क्लासरूम-फोकस्ड होती है. टीचर और स्टूडेंट्स के बीच डायरेक्ट इंटरैक्शन ज्यादा रहता है. वहीं, यूनिवर्सिटी में पढ़ाई थोड़ी इंडिपेंडेंट होती है, जहां स्टूडेंट्स से खुद रिसर्च और सेल्फ-स्टडी की उम्मीद की जाती है. यूनिवर्सिटी में सेमिनार, प्रोजेक्ट्स और रिसर्च पर ज्यादा जोर दिया जाता है, जबकि कॉलेज में बेसिक समझ मजबूत करने पर ध्यान होता है.
कॉलेज-यूनिवर्सिटी एडमिशन प्रोसेस में अंतर
कॉलेज में एडमिशन आमतौर पर मेरिट या लोकल लेवल की प्रक्रिया से होता है. वहीं, यूनिवर्सिटी में कई बार एंट्रेंस एग्जाम, इंटरव्यू या नेशनल लेवल टेस्ट के जरिए एडमिशन मिलता है. यूनिवर्सिटी का एडमिशन प्रोसेस थोड़ा ज्यादा कॉम्पिटिटिव होता है. सबसे बड़ा फर्क होता है कि कॉलेज से पढ़ने के बाद जो डिग्री मिलती है, वह यूनिवर्सिटी के नाम से होती है.
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