छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी की परीक्षा एक बार फिर से चर्चा में है. इस बार प्रीलिम्स के परिणाम और मेंस परीक्षा की तारीख के बीच अंतर को लेकर विपक्ष सत्ताधारी दल पर हमलावर है.
2021 की परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर सीबीआई जांच के दायरे में चल रहे छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी सीजीपीएससी की एक और परीक्षा चर्चा में आ गई है. सीजीपीएससी परीक्षा 2025 के प्रीलिम्स के परिणाम और मुख्य परीक्षा की तारीखों के बीच के अंतर सियासत शुरू हो गई है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 6 नवंबर 2025 को राज्य सेवा परीक्षा के लिए सीजीपीएससी ने विज्ञापन जारी किया था. 20 सेवाओं की 265 पदों पर आवेदन आमंत्रित कराए गए थे. 22 फ़रवरी 2026 को प्रीलिम की परीक्षा हुई थी. सीजीपीएससी 2025 की प्रीलिम में 1 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हुए थे. 25 मार्च 2026 को प्रीलिम के परिणाम जारी कर दिए गए थे. मुख्य परीक्षा के लिए 3921 अभ्यर्थियों का चयन किया गया.
मुख्य परीक्षा के लिए 16 से 19 में तक की तारीख तय की गई है. प्रीलिम्स के परिणाम और मुख्य परीक्षा की तारीख के बीच के कम अंतर को लेकर ही सियासत हो रही है.
क्या कह रहे हैं अभ्यर्थी
अभ्यर्थी वर्षा वर्मा कहती हैं, जो कोई भी सीजीपीएससी की तैयारी सीरियसली करता है वह इस बात का इंतजार नहीं करता की प्रीलिम्स का रिजल्ट आएगा तब मेंस की तैयारी करेंगे. इससे सीरियसली तैयारी करने वालों पर बड़ा असर नहीं होगा लेकिन जो लोग पहली बार अटेम्प्ट किए हैं उन्हें जरूर दिक्कत होगी.
वहीं अभ्यर्थी केयर सिंह ठाकुर कहते हैं, यूपीएससी की तर्ज पर ही सीजीपीएससी की परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है, यह अच्छी बात है. जो भी तैयारी करता है वह तीनों चाहे वह प्रीलिम्स मेंस या इंटरव्यू हो सबकी तैयारी एक साथ करता है. यूपीएससी में भी अब प्री लिम्स के रिजल्ट और मेंस एग्जाम के बीच कम गैप है. इसे हर साल शेड्यूल्ड परीक्षाएं हो पाएंगी. जो लोग गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं उनके लिए अच्छा है.
100 दिन से ज्यादा के अंतर को कम करने के पीछे वजह क्या है
मेंटर और टीचर cgpsc हामिद खान कहते हैं, इसका कोई बहुत फर्क नहीं पड़ेगा जो लोग सीरियसली तैयारी करते हैं उन पर तो बिल्कुल भी इसका असर नहीं होगा. बल्कि इसकी अच्छी बात यह है कि एक परीक्षा से दूसरे परीक्षा के बीच का गैप काम होगा. सरकार चाहती है कि एक साल के भीतर परीक्षा के विज्ञापन से लेकर उसके अंतिम परिणाम तक जारी कर दिए जाएं. यानी की अगली परीक्षा के विज्ञापन जारी होने से पहले पहले की परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी हो जाए. इससे तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों को भी लाभ मिलेगा.
कांगेस क्या कह रही है
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज कहते हैं, सरकार बड़ा दावा कर रही थी कि यूपीएससी की तर्ज पर परीक्षा सिस्टम लागू करेंगे, लेकिन प्री लिम के बाद 51 दिन मुख्य परीक्षा के लिए बहुत कम समय है. जबकि इससे पहले 104 दिन का समय दिया गया था. परीक्षार्थियों को 100 दिन से ज्यादा दिन का समय दिया जाना चाहिए ताकि परीक्षार्थियों को इसका लाभ मिल सके.
भाजपा ने क्या कहा
छत्तीसगढ़ भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने कहा, जिनकी सरकार में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में भ्रष्टाचार का कीर्तिमान बनाया गया हो कम से कम वह तो छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पर सवाल ना उठाएं. आयोग ने शेड्यूल्ड समय में परीक्षा संपूर्ण करने को लेकर इस तरह का निर्णय लिया है. यह अभ्यर्थियों के हित में है.