CBSE Affiliation 2026 : स्कूल खोलना हुआ आसान, सिर्फ 1600 मीटर जमीन पर भी मिल जाएगी CBSE मान्यता, ये रहा चार्ट

अगर आप अपना स्कूल शुरू करने का सपना देख रहे हैं या शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सीबीएसई ने साफ किया है कि हर स्कूल के पास कैंपस के अंदर कम से कम 2000 वर्ग मीटर का खेल का मैदान होना चाहिए.

CBSE School Land Rules 2026 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूलों की मान्यता (Affiliation) से जुड़े जमीन के नियमों में बड़ा फेरबदल किया है. अब नए नियमों के तहत, कई शहरों और इलाकों में कम जमीन होने पर भी सीबीएसई स्कूल खोलना मुमकिन होगा .बोर्ड ने अपने एफिलिएशन बाय-लॉज 2018 के पुराने नियमों (क्लॉज 3.3 से 3.7) को खत्म कर दिया है और उनकी जगह एक नया और आसान चार्ट पेश किया है . यह फैसला हाल ही में हुई गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में लिया गया है. तो बिना देर किए आइए जानते हैं नए स्कूल खोलने के नियम क्या हैं...

क्या हैं जमीन के नए नियम?

सीबीएसई ने अब लोकेशन के हिसाब से जमीन की जरूरतों को तीन मेन कैटेगिरी (A, B, C) में बांट दिया है-

पहली- कैटेगिरी A 

अगर आप देश के किसी भी सामान्य इलाके में स्कूल खोलना चाहते हैं, तो सीनियर सेकेंडरी स्कूल (12वीं तक) के लिए अब 6000 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी .

दूसरी- कैटेगिरी B (राजधानी और पहाड़ी इलाके)

इसमें राज्य की राजधानियां, 'Y' कैटेगिरी के शहर और पहाड़ी इलाके शामिल हैं.

  • 10वीं तक (Secondary): 2400 वर्ग मीटर जमीन .
  • 12वीं तक (Senior Secondary): 3200 वर्ग मीटर जमीन .
तीसरी कैटेगिरी C (मेट्रो शहर और खास राज्य)

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे 'X' कैटेगिरी के शहर, साथ ही अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और अंडमान-निकोबार जैसे इलाकों के लिए नियम और भी आसान हैं .

  • 10वीं तक (Secondary): सिर्फ 1600 वर्ग मीटर जमीन .
  • 12वीं तक (Senior Secondary): 2400 वर्ग मीटर जमीन .

खेल का मैदान (Play Area) होना है जरूरी

सीबीएसई ने साफ किया है कि हर स्कूल के पास कैंपस के अंदर कम से कम 2000 वर्ग मीटर का खेल का मैदान होना चाहिए. जमीन कम होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि बच्चों के खेलकूद से समझौता होगा.

साथ ही बोर्ड ने ये भी कहा है कि अगर स्कूलों के पास खेल के मैदान के लिए जमीन नहीं है, तो वे पास के किसी स्टेडियम, सरकारी पार्क या दूसरे स्कूल के खेल के मैदान के साथ 15 साल के लिए एग्रीमेंट (MOU) कर सकते हैं. शर्त बस यह है कि वह जगह स्कूल से 200 मीटर के दायरे में होनी चाहिए और बच्चों को वहां जाने के लिए कोई बड़ा हाईवे पार न करना पड़े.

Advertisement

पुराने स्कूलों नए नियम क्या पड़ेगा असर?

जो स्कूल पहले से ही सीबीएसई से जुड़े हुए हैं और पुराने नियमों के अंतर्गत मान्यता प्राप्त कर चुके हैं, उन पर नए बदलावों का बुरा असर नहीं पड़ेगा. वे पुराने नियमों के हिसाब से ही चलेंगे.

आपको बता दें कि यह नया सर्कुलर सीबीएसई के सचिव हिमांशु गुप्ता द्वारा जारी किया गया है .

Featured Video Of The Day
Swami Avimukteshwaranand ने किस पर कसा औरंगजेब वाला तंज? | Mauni Amavasya Controversy | CM yogi