Tips by Anand Mahindra for employee growth : आज की नौकरी अब सिर्फ महीने के आखिर में सैलरी आने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि ये एक ऐसा सफर बन चुकी है जहां लोग हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाना चाहते हैं. यही वजह है कि अब कर्मचारी सिर्फ पैसों के लिए नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने के मौके के लिए कंपनी चुनते हैं. इसी बदलती सोच के बीच आनंद महिंद्रा की एक बात तेजी से लोगों का ध्यान खींच रही है, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि लोग वहां टिकते हैं, जहां उन्हें हर दिन कुछ नया सीखने और खुद को मजबूत बनाने का मौका मिलता है.
सीख का मजा ही असली गेमआनंद महिंद्रा के मुताबिक, पैसा जरूरी है लेकिन अकेला काफी नहीं है. असली मजा तब आता है जब काम करते हुए इंसान कुछ नया सीखता है. जब हर दिन कुछ नया समझ में आता है, तो काम बोझ नहीं लगता बल्कि एक दिलचस्प सफर बन जाता है. यही चीज लोगों को कंपनी से जोड़े रखती है.
महिंद्रा ग्रुप में इसी सोच को अपनाया जाता है. यहां कर्मचारियों को बाहर से लीडर लाकर नहीं, बल्कि अंदर से तैयार किया जाता है. कंपनी अपने लोगों को ट्रेनिंग देती है, उन्हें मौके देती है और आगे बढ़ने का रास्ता खोलती है. इससे लोगों को लगता है कि उनकी मेहनत सच में मायने रखती है.
क्यूरियोसिटी से बनती है पहचानआनंद महिंद्रा का मानना है कि किसी भी इंसान की सबसे बड़ी ताकत उसकी सीखने की इच्छा होती है. वे इंटरव्यू के समय ये देखते थे कि सामने वाला कितना जानने के लिए उत्सुक है. जिन लोगों में ये भूख होती है, वही आगे जाकर बड़ी सफलता हासिल करते हैं. ऐसे लोग खुद भी चमकते हैं और कंपनी को भी चमका देते हैं.