NEET UG Cut-OFF : देश के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान, AIIMS दिल्ली में पढ़ना हर उस छात्र का सपना होता है जो डॉक्टर बनने की चाह रखता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहां की एक सीट के लिए कितनी कड़ी जंग होती है? 2026 की प्रवेश परीक्षाओं के इस दौर में, एम्स दिल्ली में एडमिशन का गणित समझना बेहद जरूरी है. तो चलिए जानते हैं एम्स में पढ़ाई करने के लिए आपको नीट में कितने पर्सेंटाइल लाना जरूरी है.
टॉप 50 में आना है जरूरी
AIIMS दिल्ली में एडमिशन के लिए केवल पास होना काफी नहीं है. पिछले कुछ सालों के रुझानों को देखें, तो जनरल कैटेगरी के लिए क्लोजिंग रैंक अक्सर 50 के अंदर सिमट जाती है. यानी अगर आप जनरल कैटेगरी से हैं और आपकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 से 50 के बीच नहीं है, तो यहां सीट मिलना लगभग नामुमकिन सा होता है.
कितना स्कोर है सुरक्षित?
NEET UG में दो तरह की कट-ऑफ होती है-
क्वालीफाइंग कट-ऑफ
यह परीक्षा पास करने के लिए जरूरी है (जैसे जनरल के लिए 50th पर्सेंटाइल)
एडमिशन कट-ऑफ
एम्स दिल्ली जैसे कॉलेज के लिए आपको 99.99 पर्सेंटाइल के करीब स्कोर करना होता है.
अगर अंकों की बात करें, तो 720 में से 705 से 715+ अंक लाना एक सुरक्षित स्कोर माना जा सकता है. याद रहे, यहां एक-एक नंबर पर सैकड़ों रैंक का अंतर आ जाता है.
कैटेगरी के अनुसार एक्सपेक्टेड कट-ऑफ
कैटेगरी एक्सपेक्टेड क्लोजिंग रैंक (AIQ)
जनरल (UR) 1 - 50
OBC 250 - 300
EWS 200 - 250
SC 1000 - 1200
ST 2000 - 2500
एम्स दिल्ली ही क्यों है सबकी पहली पसंद?
नंबर 1 रैंकिंग
यह संस्थान सालों से NIRF रैंकिंग में टॉप पर है.
नाममात्र की फीस
यहां पूरे कोर्स की फीस किसी प्राइवेट कॉलेज के एक दिन के खर्च से भी कम है.
वर्ल्ड क्लास एक्सपोजर
बेहतरीन रिसर्च सुविधाएं और देश के सबसे अनुभवी डॉक्टरों के साथ सीखने का मौका.