CBSE के बाद अब इस राज्य बोर्ड ने भी शुरू किया On Screen Marking सिस्टम, जानें इससे छात्रों को क्या मिलेगा लाभ

ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम के तहत हर आंसर शीट को सुरक्षित माहौल में स्कैन कर केंद्रीय डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा. वहां परीक्षक ऑनलाइन जांच करेंगे, जहां अंक अपने आप जुड़ेंगे. तय मार्किंग स्कीम लागू होगी और काम की प्रगति की निगरानी भी की जा सकेगी.

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आंसर शीट के हर पेज पर एक अलग क्यूआर कोड होगा,

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने हाल ही में ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम शुरू करने का ऐलान किया था. जो कि इस साल से लागू हो रा है. CBSE की तरह अब पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) भी बोर्ड एग्जाम के लिए ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम शुरू करने जा रहा है. पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शुक्रवार को ये जानकारी दी. उन्होंने कहा कि पंजाब देश के उन पहले राज्य बोर्डों में शामिल होगा, जो पूरी तरह डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली अपनाएंगे. इससे आंसर शीट्स की जांच के तरीके में बड़ा बदलाव आएगा.

"परिणाम जल्दी और सटीक आएंगे"

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “इस डिजिटल सिस्टम से स्कैन की गई आंसर शीट्स को शिक्षक कंप्यूटर पर जांच सकेंगे. सॉफ्टवेयर अपने आप अंक जोड़ देगा, जिससे परिणाम जल्दी और ज्यादा सटीक आएंगे. यह प्रणाली पहले ही अपनी प्रभावशीलता साबित कर चुकी है. उन्होंने कहा, “सितंबर 2025 की पूरक परीक्षाओं के दौरान इस सिस्टम से 23,000 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच तेज और सही तरीके से की गई थी.”

अच्छे नतीजों को देखते हुए पीएसईबी इस साल मैट्रिक परीक्षा के एक विषय में ऑन-स्क्रीन मार्किंग लागू करेगा. बाद में इसे चरणबद्ध तरीके से अन्य विषयों में भी लागू किया जाएगा.

हर उत्तर पुस्तिका पर होगा अलग क्यूआर कोड

मंत्री बैंस ने कहा, “नई डिजाइन की गई आंसर शीट के हर पेज पर एक अलग क्यूआर कोड होगा, जिससे सुरक्षित स्कैनिंग और डिजिटल प्रोसेसिंग संभव होगी.

क्या होती है ऑन-स्क्रीन मार्किंग

ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम के तहत आंसर शीट्स को सुरक्षित माहौल में स्कैन कर केंद्रीय डैशबोर्ड पर अपलोड किया जाएगा. वहां परीक्षक ऑनलाइन जांच करेंगे, जहां अंक अपने आप जुड़ेंगे. तय मार्किंग स्कीम लागू होगी और काम की प्रगति की निगरानी भी की जा सकेगी.”

छात्रों को मिलेगी पारदर्शिता

पीएसईबी के चेयरमैन अमरपाल सिंह ने कहा कि इस प्रणाली से छात्रों को एक समान मूल्यांकन और पूरी पारदर्शिता का लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा, “हमारे शिक्षक भी साफ-सुथरे डिजिटल सिस्टम पर काम करेंगे, जिससे एकरूपता और सही रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी.”

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उन्होंने यह भी बताया कि मार्च में इसे लागू करने के लिए बोर्ड ने सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं. अमरपाल सिंह ने कहा, “ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम पंजाब की अपने छात्रों के प्रति प्रतिबद्धता की गारंटी है.

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