अक्सर बच्चे सोशल साइंस पढ़ने से भागते हैं. वजह है उन्हें यह सब्जेक्ट बोरिंग लगता है. इतिहास, भूगोल और नागरिक शास्त्र पढ़ने से ज्यादा उन्हें रटना पड़ता है. यही वजह है कि कई बार एग्जाम से पहले वे सोशल सांइस की किताब खोलने को राजी ही नहीं होते हैं. लेकिन अगर इस सब्जेक्ट को सही तरीके से पढ़ाया जाए, तो यही सब्जेक्ट बच्चों का फेवरेट बन सकता है.
बच्चे को सोशल साइंस पढ़ाने के 7 ट्रिक्स
कहानियों के जरिए पढ़ाएं- बच्चे को जब हिस्ट्री पढ़ाएं तो कहानियों के जरिए पढ़ाएं. क्योंकि बच्चों को कहानी सुनना पसंद होता है, इसलिए
वे कहानी सुनते हुए ज्यादा बेहतर तरीके से सीखते हैं.
ग्लोब का इस्तेमाल करें- बच्चों को हमेशा तब समझ आता है जब वे देखकर सीखते हैं. भूगोल को समझाने के लिए मैप और ग्लोब बहुत असरदार साबित होते है. बच्चे को ग्लोब में खुद देशों और शहरों को ढूंढने दें, इससे उसकी जिज्ञासा बढ़ेगी और बेहतर समझ बनेगी.
वीडियो और डॉक्यूमेंट्री दिखाएं- तकनीक के इस युग में आजकल बच्चे यूट्यूब और OTT पर एजुकेशनल वीडियोज देखकर ज्यादा जल्दी सीखते हैं. विजुअल कंटेंट देखकर सीखने पर वे चीजों को ज्यादा देर तक याद भी रख पाते हैं.
जॉब इंटरव्यू देने से पहले जरूर जान लें इन 5 ट्रिकी सवालों के जवाब
रियल लाइफ से जोड़कर सिखाएं- नागरिक शास्त्र ऐसा विषय है, जिसे रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर समझा सकते हैं. जैसे बच्चों को ट्रैफिक रूल्स, वोटिंग आदि की प्रक्रिया दिखा सकते हैं.
गेम्स और क्विज करवाएं- बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाई करवाएं. जिससे पढ़ाई उन्हें कभी बोझ ना लगे. जैसे GK क्विज, मैप गेम्स या फ्लैश कार्ड्स से पढ़ाई मजेदार हो जाती है.
छोटे-छोटे टॉपिक्स पढ़ाएं- एक साथ पूरा चैप्टर पढ़ाने की बजाय छोटे हिस्सों में पढ़ाएं. इससे बच्चे को डिटेल में समझ आता है और बोरियत भी नहीं होती है.
बच्चे को खुद सीखने दें- बच्चे से ये कहें कि वह सवाल पूछे और उनके मन में भी जो सवाल आए उसके जवाब खु ढूंढने के लिए प्रेरित करें. जब बच्चा खुद सीखता है, तो उसकी रुचि और आत्मविश्वास दोनों बढ़ जाते हैं.