हाल ही में अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल में बड़े स्तर पर छंटनी हुई है. जिसमें हजारों लोगों को एक साथ निकाल दिया गया है. कहा जा रहा है कि कंपनी ने ये छंटनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण की है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण लाखों नौकरियां जा सकती हैं. दरअसल, ये सवाल मन में उठना लाजिमी भी है क्योंकि एआई तेजी से हर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है. कई नौकरियां ऑटोमेशन की वजह से खतरे में हैं, लेकिन कुछ ऐसे प्रोफेशन भी हैं, जिन्हें AI आसानी से रिप्लेस नहीं कर सकता है.
AI के जमाने में भी ये नौकरियां मानी जा रही हैं सेफ
हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स
डॉक्टर्स और नर्स जैसे हल्थकेयर प्रोफेशनल्स को आसानी से रिप्लेस नहीं किया जा सकता है. ये काम पूरी तरह इंसानी समझ, संवेदनशीलता और निर्णय क्षमता पर आधारित होती हैं. AI इन कामों में मददगार हो सकता है, लेकिन पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर सकता.
टीचिंग और एजुकेशन
शिक्षकों का समाज में अहम रोल है. ये छात्रों को केवल पढ़ाते ही नहीं, बल्कि उनका मार्गदर्शन करते हैं, प्रेरणा भी देते हैं. AI कंटेंट तो दे सकता है, लेकिन इंसानी समझ और भावनात्मक जुड़ाव का उसमें अभाव है.
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स्किल्ड जॉब्स
इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर, मैकेनिक जैसे काम जो ऑन-ग्राउंड समस्या समाधान पर निर्भर होते हैं, इन्हें AI के लिए पूरी तरह संभालना मुश्किल है.
लीगल प्रोफेशन
कानूनी प्रोफेशन जैसे वकील, जज के काम में तर्क और इंसानी विवेक जरूरी है. इस काम को रिप्लेस नहीं किया जा सकता.
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट और काउंसलर, लोगों की भावनाओं को समझते हैं. उनसे बात करते हैं, उनकी परेशानियों का हल निकालते है, उनकी काउंसलिंग करते हैं. यह काम इंसानी अनुभव से चलता है.