12वीं के बाद कौन-सी पढ़ाई चुनें, यह सवाल हर छात्र और उसके परिवार के सामने आता है. लंबे समय तक इंजीनियरिंग, मेडिकल या सीए जैसे ट्रेडिशनल करियर ऑप्शन्स ही सबसे सुरक्षित माने जाते रहे. लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते असर ने करियर की दुनिया को काफी बदल दिया है. अब केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि नई टेक्नोलॉजी के साथ काम करने वाली स्किल्स भी उतनी ही जरूरी हो गई हैं.
अब केवल स्ट्रीम नहीं, ‘हाइब्रिड स्किल' भी जरूरी
आज के समय में केवल एक सब्जेक्ट तक सीमित रहना काफी नहीं माना जा रहा. अब ऐसे करियर की मांग बढ़ रही है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की स्किल्स का मेल हो. उदाहरण के लिए साइंस पढ़ने वाले छात्रों के लिए केवल कोडिंग ही नहीं, बल्कि AI प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और डेटा एनालिसिस जैसी स्किल्स सीखना भी फायदेमंद हो सकता है. इसी तरह कॉमर्स के छात्रों के लिए अकाउंटिंग के साथ फिनटेक और ब्लॉकचेन की समझ काम आ सकती है, जबकि आर्ट्स के छात्र कंटेंट, डिजाइन और दूसरे क्रिएटिव फील्ड में AI टूल्स के साथ काम सीखकर आगे बढ़ सकते हैं.
किन नौकरियों पर AI का असर
AI के बढ़ते इस्तेमाल से काम करने का तरीका भी बदल रहा है. ऐसे काम जिनमें बार-बार एक जैसा काम करना पड़ता है, उन पर AI का असर ज्यादा पड़ सकता है. उदाहरण के तौर पर बेसिक डेटा एंट्री, शुरुआती स्तर की कोडिंग या सामान्य कंटेंट लिखने वाले काम भविष्य में मशीनें भी आसानी से कर सकती हैं. दूसरी तरफ ऐसे काम जिनमें लोगों से बात करना, फैसले लेना और नए आइडिया देना जरूरी होता है, उनमें इंसानों की जरूरत आगे भी बनी रह सकती है. जैसे साइकोलॉजी, नर्सिंग, मैनेजमेंट, कानून और कई क्रिएटिव फील्ड्स.
12वीं के बाद इन कोर्सों पर भी नजर
आज कई छात्र साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, AI और मशीन लर्निंग जैसे कोर्सों की तरफ भी रुख कर रहे हैं. डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इन क्षेत्रों में नौकरी के मौके भी बढ़ रहे हैं. कुल मिलाकर आज के दौर में करियर चुनते समय सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि कौन-सा कोर्स लोकप्रिय है. ज्यादा जरूरी यह है कि कौन-सी स्किल्स आने वाले समय में भी काम आएंगी. इसलिए 12वीं के बाद पढ़ाई चुनते समय छात्रों को बदलती टेक्नोलॉजी और नई जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी हो गया है.
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