नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा धर्मेन्द्र प्रधान ने बुधवार को कहा कि आम बजट में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन को गति देकर भारत को प्रौद्योगिकी से प्रेरित एवं ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में परिवर्तित करने का ठोस आधार तैयार किया गया है.
लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट भाषण में की गई घोषणाओं पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधान ने कहा, ‘‘ वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में इंडिया@100 का खाका पेश किया गया है.'' उन्होंने कहा, ‘‘ इसमें शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, अनुसंधान एवं विकास, डिजिटल आधारभूत ढांचा, हरित विकास और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया है.''
प्रधान ने कहा कि अमृतकाल के बजट में इंडिया@100 का खाका पेश किया गया है और भारत को प्रौद्योगिकी से प्रेरित एवं ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में परिवर्तित करने का ठोस आधार तैयार किया गया है. वित्त मंत्री सीतारमण ने घोषणा की कि शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के लिए तीन उत्कृष्टता केंद्र और इंजीनियरिंग संस्थानों में 5जी सेवाओं का उपयोग करते हुए अनुप्रयोगों को विकसित करने के लिए 100 प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी.
सीतारमण ने कहा कि 5जी सेवाओं का उपयोग कर अनुप्रयोगों को विकसित करने के लिए विभिन्न प्राधिकरणों, नियामकों, बैंकों और अन्य व्यवसायों के सहयोग से इंजीनियरिंग संस्थानों में कुल 100 प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी.
उन्होंने कहा, 'अवसरों की नई श्रृंखला, व्यापार मॉडल और रोजगार क्षमता का एहसास करने के लिए, प्रयोगशालाएं अन्य बातों के साथ-साथ स्मार्ट क्लासरूम, सटीक खेती, बुद्धिमान परिवहन प्रणाली और स्वास्थ्य देखभाल अनुप्रयोगों जैसे अनुप्रयोगों को कवर करेंगी.'
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