केआईआईटी भुवनेश्वर ने रजनीगंधा पर्ल्स के सह-प्रायोजन से 61वें फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता 2026 का आयोजन किया गया, जहां गोवा की साध्वी सैल ने फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का खिताब अपने नाम किया. शो की फर्स्ट रनर-अप महाराष्ट्र की राजनंदिनी रही, जबकि सेकंड रनर-अप जम्मू-कश्मीर की अद्वैता रही. आयोजन में देश के अलग-अलग राज्यों से आने वाली प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें ताज साध्वी सैल के सिर सजा.
कौन हैं साध्वी सैल?
फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 का खिताब जीतने वाली साध्वी सैल एक सहज लेकिन चुनौतियों के साथ आगे बढ़ने वाली शख्सियत हैं. साध्वी सैल को बचपन से ही क्रिएटिविटी से प्यार रहा और जब भी उन्हें मौका मिला, तब उन्होंने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति से सभी का दिल जीत लिया. साध्वी बहुत शांत स्वभाव की भी हैं और हमेशा एकाग्रता को महत्व देती हैं. यही कारण है कि उनकी ये विशेषता उन्हें बाकी प्रतियोगियों से अलग बनाती है. साध्वी का बचपन गोवा के किनारे शांत इलाके में बीता, लेकिन अपने करियर को बनाने के लिए मुंबई का रुख किया.
7 भाषाएं जानती हैं साध्वी
साध्वी की खासियत के बारे में बात करें तो वे केवल एक नहीं बल्कि 7 अलग-अलग भाषाओं को पढ़, लिख और बोल सकती हैं. साध्वी ने कनाडा के एक यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और इंटरनेशनल रिलेशन्स में डबल मेजर किया है. मिस वर्ल्ड इंडिया में आने से पहले वह कई रन-वे वॉक कर चुकी हैं और कई जाने- माने ब्रांड के कैंपन भी किए. वहीं अब वह मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 बनकर सबका दिल जीत गईं.
रनरअप रहीं राजनंदिनी पवार
फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2026 की फर्स्ट रनर-अप महाराष्ट्र की रहने वाली राजनांदिनी पवार हैं, जिन्होंने अपने जीवन को हमेशा आशावादी तरीके से जिया है. राजनंदिनी अपने नाम की तरह ही अपनी संस्कृति और परिवार से गहराई से जुड़ी हुई हैं. अपेक्षाओं और दिखावे से भरी दुनिया में, वह मानती है कि प्रामाणिकता सबसे बड़ी शक्ति है और वह साहस, शालीनता और विकास की अटूट इच्छाशक्ति के साथ अपने वास्तविक रूप को अपनाती है और उसी के साथ खुद को दुनिया के सामने री-प्रेजेंट भी करती है.
सेकेंड रनरअप पेशे से है डॉक्टर
वहीं सेकेंड रनर-अप जम्मू-कश्मीर की अद्वैता रही, जिनका शुरुआती जीवन भले ही जम्मू-कश्मीर में बीता लेकिन वह मूल रूप से तमिल-तेलुगु से जुड़ी हैं. 24 साल की अद्वैता पेशे से डॉक्टर, डांसर और मॉडल हैं. जम्मू में पली-बढ़ी और पूरे भारत में रह चुकीं अद्वैता का राष्ट्र से गहरा जुड़ाव है. उन्होंने डांसिंग में अपनी अलग पहचान बनाई हैं और भरतनाट्यम और अन्य डांस विधाओं में 600 से अधिक प्रस्तुतियां दी हैं. अद्वैता समाज के उत्थान के लिए भी कार्य करती हैं और कई गैर सरकारी संगठन से जुड़ी हैं.
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