डायरेक्टर हनी त्रेहन की फिल्म सतलुज ओटीटी पर रिलीज होते ही नंबर वन पर पहुंच गई है. फिल्म आगामी पंजाब इलकेशन के मद्देनजर अहम हो सकती है. फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहन इससे पहले नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ रात अकेली है मूवी बना चुके हैं. उनके बारे में खास बातें.
दे चुके हैं कई हिट फिल्में
हनी त्रेहान ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी. उन्होंने प्रसिद्ध फिल्म निर्माता विशाल भारद्वाज के साथ 'मकबूल' (2003) और 'ओमकारा' (2006) में सहायक निर्देशक और क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर काम किया. 'मकड़ी' (2002), 'मकबूल' (2003), 'ओमकारा' (2006), 'कमीने' (2009), 'डेल्ही बेली' (2011), 'तलवार' (2015) और 'उड़ता पंजाब' (2016) उनकी हिट फिल्में रही हैं. उन्होंने नवाजुद्दीन सिद्दीकी और राधिका आप्टे स्टारर फिल्म 'रात अकेली है' (2020) से निर्देशन की शुरुआत की, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ वेब ओरिजिनल फिल्म का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला. इसके अलावा, उनकी चर्चित निर्देशित फिल्म 'पंजाब '95' है, जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित है. फिल्म में दिलजीत दोसांझ लीड रोल में थे.
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बाद में हनी ने निर्देशक अभिषेक चौबे के साथ मिलकर 'मैकगफिन पिक्चर्स' (MacGuffin Pictures) की स्थापना की. उनके बैनर तले 'सोनचिरिया' (2019), 'शर्माजी नमकीन' (2022) और मलयालम फिल्म 'उल्लोझुक्कू' जैसी फिल्मों का निर्माण हुआ है, जिसे राष्ट्रीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है. हनी ने विशाल भारद्वाज के साथ कई फिल्मों में काम किया है. बॉलीवुड फिल्मों जैसे 'फोर्स 2', 'उड़ता पंजाब' और 'जुनूनियत' में भी उनका योगदान रहा है. शाहरुख खान अभिनीत फिल्म "रईस" में भी उन्होंने काम किया है.
'सतलज' की कहानी
'सतलज' की कहानी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा पर आधारित है, जिन्होंने 90 के दशक में 25 हजार लापता सिखों के लिए लड़ाई लड़ी थी. जब आतंक चरम पर था और खालिस्तानी आंदोलन चल रहे थे. तब पुलिस बिना किसी सबूत के लड़कों को पकड़कर उनका फेक एनकाउंटर कर रही थी. जसवंत सिंह ने इसका भी पर्दाफाश किया था और कहा था कि पुलिस पंजाब के अलग-अलग इलाकों से एनकाउंटर लाशें ला रही है और उन्हें लावारिस बताकर अंतिम संस्कार करवा रही है. इसी लड़ाई में पुलिस ने जसवंत सिंह खालरा को उठा लिया और टॉर्चर करने के बाद एनकाउंटर करके लाश एक नहर में फेंक दी थी.