धर्मेंद्र का बेटा अगर किसी फिल्म को करना चाहे. तो, क्या इंडस्ट्री के किसी शख्स में दम है कि उसे मना कर दे या उसे धोखा दे दे. स्टार किड्स को मिलने वाले मौकों को सुनकर तो ऐसा ही लगता है कि धर्मेंद्र के बेटे के साथ ऐसा नहीं हो सकता. लेकिन माया नगरी के हर गलियारे में एक नई कहानी छुपी बैठी है. जिसमें से एक कहानी बॉबी देओल की है. जिन्हें एक फिल्म के चलते बड़ा धोखा मिला. वो भी तब जब फिल्म में डायरेक्टर कौन होगा, ये खुद बॉबी देओल ने सजेस्ट किया था. उसके बाद भी उन्हें बताए बगैर फिल्म से रिप्लेस कर दिया गया.
ये है वो फिल्म
जिस फिल्म की हम बात कर रहे हैं उस फिल्म का नाम है जब वी मेट. जिसमें करीना कपूर और शाहिद कपूर एक साथ नजर आए थे. फिल्म जब वी मेट आज एक आइकॉनिक लव स्टोरी मानी जाती है. शाहिद कपूर और करीना कपूर की जोड़ी ने इस फिल्म से खूब सुर्खियां बटोरीं. बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म के लिए सबसे पहले बॉबी देओल को साइन किया गया था. उन्होंने ही इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी. साल 2005 में इस फिल्म की शूटिंग की शुरुआत हुई थी और उस समय इसका एक वर्किंग टाइटल गीत भी था. मेकर्स ने हीरो के तौर पर बॉबी देओल को साइन किया था. बॉबी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी एक्साइटेड थे. इतना ही नहीं उन्होंने ही मेकर्स को डायरेक्टर इम्तियाज अली का नाम सुझाया था. बॉबी को इम्तियाज की सोच और कहानी कहने का अंदाज बेहद पसंद था.
करीना ने रखी थी शर्त
मेकर्स फिल्म में करीना कपूर को लेना चाहते थे, लेकिन उस समय करीना ने इम्तियाज अली से मिलने तक से मना कर दिया. इसके बाद बॉबी ने प्रीति जिंटा का नाम सुझाया. प्रीति जिंटा फिल्म करने के लिए तैयार भी हो गई थीं. लेकिन उनके पास छह महीने तक की डेट नहीं थी. हालात कुछ ऐसे बने कि फिर हीरोइन की खोज करीना कपूर तक पहुंची. कहा जाता है कि करीना कपूर फिल्म के लिए तैयार तो हो गईं. लेकिन शर्त भी रखी कि वो शाहिद कपूर के साथ ही फिल्म करेंगी. तब शाहिद और करीना कपूर के रिलेशनशिप में होने की खबरें भी सुर्खियों में थीं. करीना कपूर की शर्त मान ली गई. जिसके बाद रातों रात फिल्म का हीरो बदल गया. और, बॉबी देओल को इसके बारे में कोई जानकारी तक नहीं दी गई.