गुजरे जमाने की इस एक्ट्रेस ने हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय से ऐसा जादू चलाया था कि लोग आज भी इसे नहीं भूले हैं. यह अभिनेत्री आई थी तो हीरोइन बनने, लेकिन एक हादसे ने उसके करियर की दिशा ही बदल कर रख दी. इस अभिनेत्री की खूबसूरती पर ऐसा दाग लगा कि इसे मजबूरन विलेन बनकर पर्दे पर उतरना पड़ा. मगर इस अभिनेत्री में एक्टिंग की इतनी चाहत थी कि उसने फिल्मी पर्दे पर विलेन के मुखौटे को ऐसे पेश किया कि देखने वाले के पसीने छूट जाया करते थे. अपनी खलनायकी से अभिनेत्री ने ऐसा खौफ पैदा किया कि दर्शकों ने जब-जब इस एक-एक सीन में इसे देखा, तो उसके लिए नेगेटिव ही सोचा. इसमें कोई दो राय नहीं है कि इस अभिनेत्री ने अपने हर रोल के साथ पूरा न्याय किया. चलिए जानते हैं कौन हैं?
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हमेशा के लिए टूटा एक्ट्रेस बनने का सपना
जिस अभिनेत्री की हम बात कर रहे हैं वह हिंदी सिनेमा की पहचान ललिता पवार हैं. इनका नाम सामने आते ही आपके नजरों में इनकी खलनायकी का रूप दौड़ गया होगा. महज 9 साल की उम्र में ललिता ने अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था. अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था. ज्यादातर फिल्मों में उनका खलनायक अंदाज दिखा. आज से 84 साल पहले उनके साथ सेट पर ऐसा हादसा हुआ था, जिसने उनकी किस्मत को ही बदल रख दिया, क्योंकि अगर वह बतौर अभिनेत्री फिल्मों में काम करती तो शायद इतनी फिल्मों में अभिनय करने का मौका नहीं मिलता. दरअसल, साल 1942 में रिलीज हुई फिल्म जंग ए आजादी के सेट पर ललिता अपने अभिनेत्री बनने के सपने से दूर हो चुकी थी. इस फिल्म में ललिता पवार और भगवान दादा के बीच एक सीन फिल्माया गया था. यह सीन ललिता पवार के पैशन को ही बदलकर रख देगा, यह किसी ने भी नहीं सोचा था. क्योंकि इस सीन के बाद ललिता का हीरोइन बनने का सपना हमेशा के लिए टूट गया था.
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ऐसा क्या हुआ था सेट पर?
दरअसल, फिल्म जंग ए आजादी के एक सीन में भगवान दादा को ललिता पवार को एक सीन में थप्पड़ मारना था, लेकिन गलती से यह थप्पड़ इतनी जोर से लगा गया कि एक्ट्रेस के चेहरे का पूरा हुलिया ही बदल गया. क्योंकि इस थप्पड़ से एक्ट्रेस की आंख की नस फट गई थी और एक साइड से चेहरा पैरालाइज हो गया था. इतना ही नहीं बल्कि इस थप्पड़ की वजह से एक्ट्रेस के कान का पर्दा भी फट गया था. सेट पर अफरातफरी मच गई थी और एक्ट्रेस को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया. एक्ट्रेस का लंबा इलाज चला और ठीक होने के बाद जब उन्होंने फिल्मों में वापसी की तो उन्हें ज्यादातर नेगेटिव रोल ही ऑफर हुए, लेकिन ललिता ने हार नहीं मानी और अपने एक्टिंग को पैशन को खलनायक बनकर ऐसे मुकाम पर पहुंचाया कि सिनेप्रेमी आज भी उनका नाम नहीं भूले हैं.