कहते हैं कि किसी भी काम को करने के लिए मेहनत के साथ भाग्य भी जरूरी होता है, लेकिन जिसके नाम में भी भाग्य हो, उसके लिए चीजें खुद-ब-खुद आसान हो जाती हैं. हम बात कर रहे हैं अभिनेत्री भाग्यश्री की, जिन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे फिल्मों में काम करेंगी और अलग पहचान बना पाएंगी. भाग्यश्री 23 फरवरी को अपना 57वां जन्मदिन मनाने वाली हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अभिनेत्री को अपनी जिंदगी का असल प्यार कैसे मिला?
फिल्मों में अपने भोले किरदार से सबका दिल जीतने वाली भाग्यश्री असल जिंदगी में भी बहुत सीधी थीं. उनका ताल्लुक महाराष्ट्र के सांगली राजशाही परिवार से है. उनके पिता का नाम विजय सिंह राव माधवराव पटवर्धन है, जिन्हें खुद म्यूजिक से प्यार है और उन्होंने कई फिल्मों में संगीत भी दिया. भाग्यश्री का जीवन प्रोटोकॉल के साथ गुजरा, उन्हें हमेशा सिखाया गया कि किससे बात करनी है, किससे नहीं, कैसे बात करनी है, कहां जाना है और कहां नहीं, लेकिन कौन जानता था कि प्रोटोकॉल के बीच पढ़ी-लिखीं भाग्यश्री को उनका प्यार उनकी क्लास में ही मिल जाएगा.
बहुत कम लोग जानते हैं कि भाग्यश्री और हिमालय दासानी एक ही क्लास में पढ़ते थे.जहां भाग्यश्री बिल्कुल शांत स्वभाव की थी, वहीं हिमालय सबसे शैतान बच्चों में से एक थे. भाग्यश्री क्लास की मॉनिटर थी और हिमालय की शैतानियों की वजह से दोनों के बीच हमेशा लड़ाई होती थी, लेकिन दोनों को नहीं पता था कि यह लड़ाई प्यार में बदलने वाली है. स्कूल में एक दूसरे से लड़ाई के साथ दोनों पढ़ाई भी साथ करते थे और स्कूल खत्म हो जाने के बाद भी गणित के विषय को समझने के लिए साथ मिलकर पढ़ाई करते थे.
एक इंटरव्यू में भाग्यश्री ने खुद बताया था कि वे गणित में बहुत कमजोर थीं और उसके लिए हिमालय की मदद लेती थी लेकिन एक दिन फोन पर हिमालय ने प्रपोज कर दिया. जब मैंने ये बात अपने पिता को बताई तो उन्होंने साफ-साफ मना करा दिया, जबकि उस वक्त मेरे मन में भी फीलिंग्स थीं. अपने पिता की बात मानकर उस वक्त भाग्यश्री ने हिमालय को रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन दोनों की दोस्ती में कोई फर्क नहीं आया और कॉलेज में भी दोनों ने साथ पढ़ाई की.
फिल्म "मैंने प्यार किया" की शूटिंग के दौरान भाग्यश्री और हिमालय दोनों के लिए मिलना मुश्किल हो रहा था. ऐसे में भाग्यश्री ने अपने माता-पिता से उनकी और हिमालय की शादी की बात की, लेकिन वे राजी नहीं हुए. मजबूरी में दोनों ने परिवार की बिना सहमति के शादी की. विजय सिंह राव माधवराव पटवर्धन बेटी के फैसले से इतने नाराज थे कि शादी में भी नहीं आए थे.
यह भी पढें: