बॉलीवुड के दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना की निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा में है. उनके साथ अपने रिश्ते को शादी का कानूनी दर्जा दिए जाने की मांग कर रहीं अभिनेत्री अनीता आडवाणी को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी है. जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने इस मामले को लग्जरी लिटिगेशन बताया. अदालत ने बॉम्बे हाईकोर्ट और मुंबई की सेशंस कोर्ट के पहले के फैसलों को सही माना है. इन अदालतों ने भी अनीता आडवाणी के दावे को खारिज कर दिया था.
राजेश खन्ना के साथ शादी का दावा
अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह राजेश खन्ना के साथ कम से कम एक दशक तक लिव-इन रिलेशनशिप में थीं. उन्होंने कहा था कि साल 2012 में राजेश खन्ना की मृत्यु तक दोनों साथ रहे थे. अनीता के मुताबिक, राजेश खन्ना ने उनकी मांग में सिंदूर भरकर उनसे गुपचुप शादी की थी. इसी आधार पर वह अपने रिश्ते को विवाह का कानूनी दर्जा दिए जाने की मांग कर रही थीं.
हालांकि, राजेश खन्ना की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी डिंपल कपाड़िया, उनकी बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार ने अनीता आडवाणी के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था. कपाड़िया परिवार ने उनके विवाहित होने या दिवंगत अभिनेता की लिव-इन पार्टनर होने के सभी दावों का विरोध किया था.
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी खारिज की थी याचिका
इससे पहले 1 अप्रैल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी अनीता आडवाणी की याचिका खारिज कर दी थी. जस्टिस शर्मिला देशमुख ने मुंबई की दिंडोशी दीवानी अदालत के साल 2017 के आदेश को चुनौती देने वाली उनकी प्रथम अपील खारिज कर दी थी.
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अनीता आडवाणी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. उन्होंने अपनी याचिका में डिंपल कपाड़िया, ट्विंकल खन्ना, राजीव भाटिया यानी अक्षय कुमार और रिंकी को प्रतिवादी बनाया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी मांग को स्वीकार नहीं किया.
बंगले से बेदखल करने का भी लगाया था आरोप
साल 2012 में राजेश खन्ना की मृत्यु के बाद अनीता आडवाणी ने आरोप लगाया था कि उन्हें अभिनेता के आशीर्वाद बंगले से जबरन बेदखल कर दिया गया. इसके बाद उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत कपाड़िया परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. हालांकि, साल 2015 में हाईकोर्ट की एक अन्य पीठ ने उस कार्यवाही को रद्द कर दिया था. अदालत ने पाया था कि अनीता आडवाणी और राजेश खन्ना का संबंध विवाह के समान नहीं था.
सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के साथ अनीता आडवाणी की उस मांग को भी झटका लगा है, जिसमें वह राजेश खन्ना के साथ अपने रिश्ते को विवाह का कानूनी दर्जा दिलाना चाहती थीं.
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