सीरीज राख (Raakh) इन दिनों दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है. जब से इस शो का फर्स्ट लुक आया था, दर्शक इस सीरीज को देखने के लिए बेताब नजर आ रहे थे. यह सीरीज 1978 में रंगा-बिल्ला के आतंक से जुड़ी हुई है. उस साल रंगा-बिल्ला का आतंक दिल्ली वासियों के बीच बढ़-चढ़कर बोल रहा था. इन सालों में उन्होंने काफी हत्याएं की. सीरीज में दो मासूमों की हत्या की कहानी दिखाई गई है और यह एक सच्ची कहानी है. शो में सोनाली बेंद्रे एक मां के किरदार में नजर आई हैं. सोनाली के अलावा उनके बेटे का किरदार निभाने वाले एक्टर विवान शर्मा (Vivaan Sharma) ने भी अपनी एक्टिंग से हर किसी को इंप्रेस किया है. उनके सीन देखकर लोग काफी भावुक भी हो रहे हैं. हाल ही में विवान ने एनडीटीवी से बात की और अपना एक्सपीरियंस शेयर किया.
एक्टिंग की ट्रेनिंग नहीं ली
एक्टर विवान शर्मा ने कहा, मैं सोशल मीडिया बिल्कुल भी यूज नहीं करता. क्योंकि मुझे सोशल मीडिया पर आने के लिए मना किया गया है. मैं इन दिनों अपने शो को लेकर सिर्फ इंस्टाग्राम पर एक्टिव हूं. क्योंकि काफी लोग मेरे किरदार को लेकर कमेंट्स कर रहे हैं. बहुत सी लड़कियों कह रही हैं कि उस किरदार में मेरा भाई नजर आ रहा है. आप एक तरह से पूरे नेशन के छोटे भाई बन गए हो. मैं भगवान का शुक्रिया करना चाहता हूं कि सब इतना पॉजिटिव ले रहे हैं. शो में मैं और जो मेरी बहन बनी हैं, दर्शक काफी पसंद कर रहे हैं, काफी अच्छे रिव्यूज मिल रहे हैं. मैं सबसे ज्यादा खुश हूं कि मेरे सीन देखकर लोग रो रहे हैं और उससे कनेक्ट हो रहे हैं. एक्टर ने आगे कहा कि मैं अभी दसवीं कक्षा में हूं, प्रेशर बहुत होता है. मैं अपने टीचर्स से बहुत कनेक्ट रहता हूं. सभी टीचर्स मुझे मैसेज कर रहे हैं, सबको मेरा काम काफी पसंद आया है.
उन्होंने आगे कहा, मेरे सारे बैचमेट हैं वो भी मेरी परफॉर्मेंस देकर काफी खुश होंगे. कोविड के बाद से कास्टिंग प्रोसेस पूरी बदल हो चुकी है. पहले ऑडिशन के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता था. इन दिनों आपको व्हाट्सएप पर मैसेज आ जाता है, कैरेक्टर के बारे में बता दिया जाता है. आप सीन खुद शूट करके भेज सकते हैं. ऐसे ही मैंने ऑनलाइन अपना सीन शूट करके भेजा. मैं पिछले सालों से यही करता हुआ आ रहा हूं. मैंने एक्टिंग की ट्रेनिंग नहीं ली है. मैंने ऑडिशन देख- देख कर, ये सब सीखा है. जो दर्शकों ने शो में मर्डर सीन देखा है, उसका एक-एक सीन का स्टोरी बोर्ड बनाया था. कुछ ऐसे सींस थे, जो स्टोरी बोर्ड में थे, लेकिन बाद में डिलीट किए गए, बहुत से सीन वन टेक में शूट हुए हैं. अगर आपका कैमरा शुरू हुआ तो आपको एक टेक में पूरा शूट कंप्लीट करना पड़ता था. एक सीन है जिसमें मैं अपनी बहन सुमन को बचाता हूं और विलेन में पंच मारता हूं. वह एक टेक में ही शूट हुआ है और वह शूट रात का है.
घने जंगल में शूट
एक सीन जिसमें मुझे मेरी बहन को अलग कर दिया जाता है. मुझे घसीटते हुए जंगल में ले जाया जाता है, वह भी रात का सीन है. सीन घने जंगल में शूट हुआ है और जब हम यह सीन शूट कर रहे थे, उस वक्त तेंदूए हमारे आसपास घूम रहे थे और सिक्योरिटी गार्ड भी हमारी निगरानी कर रहे थे. जहां मैं लेटा हुआ था, वहां मेरे पीछे से अचानक तेंदुआ निकला. इसके अलावा एक केकड़े ने भी मेरे घुटने पर काट लिया था. लेकिन भगवान का शुक्रिया कि ऐसा कुछ मेरे साथ नहीं हुआ. लेकिन काम करने में बहुत मजा आया. जब कोई बड़ा सेलिब्रिटी एक्टर बन जाता है तो उसमें एटीट्यूड आ जाता है. अगर मैं सोनाली बेंद्रे जी की बात करूं तो वह बहुत ही शांत और डाउन टू अर्थ हैं. जब हमारी वर्कशॉप शुरू हुई तो मैं और मेरी जो बहन बनी हैं और सोनाली बेंद्रे जी, हमने साथ बैठकर एक बॉन्ड बनाया जिस तरीके से सोनाली जी डायलॉग्स बोलती हैं. मुझे मेरी मां की याद आ जाती है. सोनाली बेंद्रे की बहुत अच्छी एक्ट्रेस हैं.
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