घर मे बच्चे के जन्म की खुशी बेहद खास होती है. जब घर में नन्हा मेहमान आता है तो इसके साथ खुशियां, बधाइयां और गीत-संगीत का दौर भी शुरू हो जाता है. बॉलीवुड में भी बच्चे के जन्म को लेकर के कई गाने बने हैं, जो आज भी याद किए जाते हैं. इन्हीं में से एक है 1961 में आई फिल्म प्यार की 'प्यार की प्यास' 'मेरे अंगना में उजियाला, मेरी गोदी में गोपाला'. ये गीत मां बनने की खुशी और बच्चे के लिए प्यार और ममता को बखूबी दर्शाता है. इसके बोल भारत व्यास ने लिखे थे, जबकि संगीत वसंत देसाई का था
बच्चे के जन्म की खुशी में बना गाना
'मेरे अंगना में उजियाला' गाने के बोल ऐसे लिखे गए हैं कि इस गीत को सुनते ही मां की खुशी का एहसास हो जाता है. गाने में गीत में बच्चे को गोपाल यानी कृष्ण के रूप में देखते हुए उसकी सुंदरता और मासूमियत को बताया गया है. गाने की लाइन मेरी गोदी में गोपाला बच्चे के जन्म के बाद मां की खुशी को जाहिर करती है. इसके साथ ही गाने में बच्चे को नजर से बचाने की प्रार्थना भी की गई है. यही वजह है कि ये सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि मां के उस असीम प्रेम को भी दिखाता है जो उसे बच्चे से होता है. ये गीत भारतीय परिवारों में बच्चे के जन्म के बाद गाए जाने वाले पारंपरिक बधाई गीतों की याद भी दिलाता है. गाने को लता मंगेशकर और गीता दत्त ने अपनी आवाज से सजाया था.
वसंत देसाई और भारत व्यास के बोल और संगीत
इस गाने को परफेक्ट बनाने में इसके संगीत और शब्दों की अहम भूमिका है. इस गाने का संगीत वसंत देसाई ने तैयार किया था और भारत व्यास ने इसके खूबसूरत बोल लिखे थे. दोनों की जोड़ी ने गीत को ऐसा भाव दिया, जिसमें खुशी के साथ भारतीय संस्कारों और कृष्ण भक्ति की झलक भी दिखाई देती है. इस गीत को लता मंगेशकर और गीता दत्त ने अपनी आवाज से और खास बना दिया.