इन दिनों AI पर फोटो बनाने का ट्रेंड काफी चर्चा में हैं. 80s के दशक में कई फिल्में और गाने अब लोगों को याद आ रहे हैं. 46 साल पहले एक ऐसा गाना आया था, जो ना सिर्फ रेडियो पर पॉपुलर रहा है, बल्कि हर चाय की टपरी तक पर उसकी आवाज सुनने को मिलती थी. अमिताभ बच्चन के इस गाने ने तांगेवालों की इज्जत बढ़ा दी थी. यह गाना है- 'मैं हूं मर्द तांगेवाला'. जो 1985 में आई फिल्म मर्द का था. यह 80 के दर्शक का सबसे मशहूर और हिट गानों में से एक था.
रेडियो और लोगों की जुबान पर छाया गाना
अमिताभ बच्चन के किरदार राजू तांगेवाला के मुंह से निकला 'मैं हूं मर्द तांगेवाला' आम मजदूरों, खासकर तांगे खींचने वाले गरीब लोगों का गौरव बन गया. मोहम्मद अजीज की दमदार आवाज में 'मैं हूं मर्द तांगेवाला, मुझे दुश्मन क्या मारेगा, मेरा दोस्त है ऊपरवाला' जैसी लाइनें सुनकर तांगेवाले खुद को हीरो समझने लगे. गाने ने साधारण जिंदगी को सम्मान दिया और दिखाया कि इज्जत पैसे या पद से नहीं, बल्कि हिम्मत और ईमानदारी से मिलती है. फिल्म के रिलीज के साथ ही यह ट्रैक सड़कों, रेडियो और लोगों की जुबान पर छा गया.
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अनु मलिक का म्यूजिक
संगीतकार अनु मलिक और गीतकार प्रयाग राज की जोड़ी ने यह गाना तैयार किया. मोहम्मद अजीज ने इसे गाया. लगभग 5 मिनट का यह ट्रैक फिल्म का एंट्री सॉन्ग था, जिसमें अमिताभ बच्चन तांगे पर सवार होकर शहर घूमते नजर आते हैं. गाने में घोड़े की वफादारी और मोटर कार की तुलना कर आम आदमी की जिंदगी को गर्व से भरा दिखाया गया. अनु मलिक के संगीत ने इसे यादगार बना दिया.