मनोज बाजपेयी की फिल्म गवर्नर को लेकर रिलीज से पहले काफी चर्चा थी. देश के 1991 के आर्थिक संकट और RBI के पूर्व गवर्नर एस. वेंकटरमणन की कहानी पर बनी इस फिल्म को कंटेंट के दम पर बड़ी उम्मीदों के साथ उतारा गया था. लेकिन शुरुआती दर्शक जुटाने के लिए मेकर्स को असाधारण प्रमोशनल कदम उठाने पड़े. पहले चुनिंदा टिकट सिर्फ 50 रुपये में बेचे गए और अब दर्शकों को आकर्षित करने के लिए ‘बाय वन, गेट वन' ऑफर भी सामने आ गया है. ऐसे में ट्रेड सर्किट में सवाल उठने लगे हैं कि क्या मजबूत विषय वाली इस फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित शुरुआत नहीं मिल पाई है.
90 के दशक वाला दांव भी नहीं बना गेमचेंजर
फिल्म के मेकर्स ने रिलीज से ठीक पहले 90 के दशक की याद दिलाने वाली रणनीति अपनाई थी. चुनिंदा दर्शकों के लिए टिकट की कीमत महज 50 रुपये रखी गई, जिससे सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआती 25 हजार टिकट इस विशेष ऑफर के तहत उपलब्ध कराए गए थे. मकसद साफ था- फिल्म को लेकर जिज्ञासा बढ़ाना और थिएटर तक ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को खींचना.
हालांकि प्रचार तो खूब मिला, लेकिन रिलीज के बाद भी थिएटरों में दर्शकों की संख्या को लेकर चर्चा जारी रही. कई शहरों में टिकट बिक्री बढ़ाने के लिए अतिरिक्त ऑफर्स दिखाई देने लगे. ट्रेड एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आज के दौर में सिर्फ कंटेंट या स्टार पावर ही नहीं, बल्कि शुरुआती वीकेंड की भीड़ किसी फिल्म की किस्मत तय करती है.
अब ‘एक टिकट खरीदो, एक मुफ्त पाओ' ऑफर पर नजर
फिल्म से जुड़े प्रमोशनल मैसेज और टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स पर ‘बाय वन, गेट वन' जैसे ऑफर्स भी दिखाई दे रहे हैं. इससे यह संकेत मिला कि मेकर्स और एग्जीबिटर्स दर्शकों को थिएटर तक लाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं. हालांकि यह ऑफर सिर्फ गवर्नर के लिए नहीं बल्कि कुछ बैंक और टिकटिंग पार्टनरशिप योजनाओं के जरिए भी उपलब्ध है, लेकिन फिल्म के प्रमोशन में इसका इस्तेमाल चर्चा का विषय बन गया है.
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दिलचस्प बात यह है कि फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों से अभिनय के लिए सकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी मिली हैं. खासकर मनोज बाजपेयी के शांत लेकिन प्रभावशाली प्रदर्शन की तारीफ हो रही है. इसके बावजूद टिकटों पर भारी छूट और ऑफर्स यह दिखाते हैं कि सिनेमाघरों में दर्शकों को खींचना आज पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है. अब सबकी नजर वर्ड-ऑफ-माउथ और आने वाले दिनों के कलेक्शन पर टिकी है कि क्या गवर्नर इन ऑफर्स के सहारे बॉक्स ऑफिस की रफ्तार पकड़ पाएगी या नहीं.