बॉलीवुड में स्टार किड्स की एंट्री अपने आप में एक इवेंट जैसी होती है. दर्शक सिर्फ ये नहीं देखते कि नया चेहरा कैसा है, बल्कि ये भी नोटिस करते हैं कि उसमें अपने स्टार पेरेंट्स वाला स्वैग और स्क्रीन प्रेजेंस है या नहीं. लेकिन असली मजा तब आता है जब ये स्टार किड्स आमने-सामने आ जाएं और फिल्म में एक अलग ही तड़का लग जाए. साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म 'हमराज' में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जब बॉबी देओल और अक्षय खन्ना की टक्कर ने कहानी को और भी ज्यादा दिलचस्प बना दिया.
30 साल बाद दोहराया गया इतिहास
इस फिल्म की खास बात सिर्फ इसकी कहानी नहीं थी, बल्कि इसका कनेक्शन पुराने दौर से भी था. साल 1971 की फिल्म मेरा गांव मेरा देश में धर्मेंद्र हीरो थे और विनोद खन्ना विलेन के रोल में नजर आए थे. करीब 30 साल बाद वही सीन दोबारा देखने को मिला, जब हमराज में अक्षय खन्ना ने निगेटिव किरदार निभाया और बॉबी देओल हीरो बनकर सामने आए.
प्यार, प्लान और धोखे का खेल
फिल्म की कहानी राज, प्रिया और करण के इर्द-गिर्द घूमती है. बॉबी देओल ने राज का रोल निभाया, जो एक अमीर और भरोसेमंद इंसान होता है. अमीषा पटेल प्रिया के किरदार में नजर आईं, जबकि अक्षय खन्ना का करण कहानी में दिमाग से खेल खेलने वाला किरदार है. फिल्म में प्यार के साथ धोखे और साजिश का ऐसा खेल चलता है कि दर्शक आखिर तक जुड़े रहते हैं.
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बॉक्स ऑफिस पर भी दिखा दम
करीब 15 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 29 करोड़ रुपये की कमाई की थी. उस समय के हिसाब से ये आंकड़ा काफी शानदार माना जाता था. फिल्म का म्यूजिक और सस्पेंस दर्शकों को खूब पसंद आया.
विलेन बनकर छा गए अक्षय खन्ना
इस फिल्म में अक्षय खन्ना का निगेटिव रोल लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. उन्हें फिल्मफेयर में नॉमिनेशन मिला और IIFA में बेस्ट विलेन का अवॉर्ड भी मिला. वहीं बॉबी देओल ने अपने स्टाइल और इमोशनल रोल से दर्शकों का दिल जीत लिया.
आज भी यादगार है ये टक्कर
हमराज आज भी अपने गानों, कहानी और ट्विस्ट्स के लिए याद की जाती है. इस फिल्म ने न सिर्फ अच्छी कमाई की, बल्कि बॉबी देओल और अक्षय खन्ना की टक्कर को भी खास बना दिया. यही वजह है कि ये फिल्म आज भी लोगों के बीच चर्चा में बनी रहती है.