धार्मिक फिल्मों की बात करें तो इंडिया में बेहद पसंद किया जाता है. बॉलीवुड में कई फिल्में बनी हैं जो पौराणिक कथाओं पर आधारिक होती हैं. कई फिल्में बड़े बजट की होती हैं जिनके आने का इंतजार लोग लंबे समय तक करते हैं. लेकिन कई फिल्में रिलीज के पहले तो नहीं लेकिन बाद में ऐसा कमाल करती हैं कि हर कोई हैरान हो जाता है. आज हम बात करेंगे 7 अगस्त को रिलीज हुई फिल्म हनुमान अंश की. 2 करोड़ बजट की इस फिल्म अपनी कहानी के साथ ही अपने भजनों को लेकर भी खूब चर्चा में है. खासकर इस फिल्म का एक बुंदेली लोक भजन, जिसमें शिव-पावर्ती के विवाह का वर्णन हो रहा है.
पावर्ती ने किया शिव से शादी का हठ
फिल्म 'हनुमान अंश' का बुंदेली लोक-भजन 'पार्वती' लोगों का ध्यान खींच रहा है. गाने के बोल हैं 'जब जिद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती, समझाने पहुँचे सप्तऋषि,सप्तऋषि, सप्तऋषि' है. इस भजन में माता पार्वती के भगवान शिव को पति के रूप में पाने की जिद को बेहद ही देसी और बेहतरीन तरीके से पेश किया गया है. इस भजन की भाषा, इसके बोल, देसी साज और साधु तिवारी की आवाज ने इसे दूसरे भजनों से अलग और बेहद खास बना दिया है. यही वजह है कि गाना रिलीज होने के कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया और यूट्यूब पर तेजी से वायरल हो गया.
सप्तऋषि पहुंचे थे पार्वती को समझाने
भजन की शुरुआत माता पार्वती की उसी जिद से होती है, जब वह भगवान शिव को अपना पति बनाने का फैसला कर चुकी हैं. उन्हें समझाने के लिए सप्तऋषि पहुंचते हैं और शिव के रूप-स्वरूप और उनके वैरागी जीवन का हवाला देते हुए पार्वती को अपना फैसला बदलने के लिए कहते हैं. गाने में इसी बातचीत को बुंदेली लोक अंदाज में पेश किया गया है.
सप्तऋषि शिव के सिर पर गंगा, गले में सांप, रहने के ठिकाने और उनके साधु वाले रूप का जिक्र करते हुए पार्वती से सवाल करते हैं कि वह ऐसे वर के लिए इतनी तपस्या क्यों कर रही हैं. लेकिन पार्वती का इरादा नहीं बदलता.