सिनेमाघरों में फिर से दिखाई जाएंगी गुरु दत्त की कल्ट फिल्में, जान लें कब होंगी रिलीज

8 से 10 अगस्त के बीच प्यासा, आर पार, चौदहवीं का चांद, मिस्टर एंड मिसेज 55 और बाज जैसी बेहतरीन फिल्में देशभर के 250 से ज्यादा सिनेमाघरों में दिखाई जाएंगी.

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सिनेमाघरों में फिर से रिलीज होंगी गुरु दत्त की कल्ट फिल्में
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  • गुरु दत्त की 100वीं जयंती पर उनकी चुनिंदा क्लासिक फिल्मों को 4K क्वालिटी में सिनेमाघरों में दिखाया जाएगा.
  • 8 से 10 अगस्त के बीच प्यासा, आर पार, चौदहवीं का चांद, मिस्टर एंड मिसेज 55 और बाज जैसी फिल्में 250 से अधिक सिनेमाघरों में प्रदर्शित होंगी.
  • यह आयोजन उन दर्शकों के लिए है जो गुरु दत्त की फिल्मों से पहली बार परिचित होना चाहते हैं या फिल्म अध्ययन कर रहे हैं.
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नई दिल्ली:

इस अगस्त महीने, नई पीढ़ी के दर्शकों को सिनेमा के महान कलाकार गुरु दत्त की फिल्में बड़े परदे पर देखने का एक खास मौका मिलने वाला है. उनकी 100वीं जयंती के मौके पर अल्ट्रा मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप और एनएफडीसी-एनएफएआई मिलकर उनकी कुछ चुनिंदा क्लासिक फिल्मों को फिर से सिनेमाघरों में ला रहे हैं, वो भी एकदम साफ-सुथरी, 4K क्वालिटी में. 8 से 10 अगस्त के बीच प्यासा, आर पार, चौदहवीं का चांद, मिस्टर एंड मिसेज 55 और बाज जैसी बेहतरीन फिल्में देशभर के 250 से ज्यादा सिनेमाघरों में दिखाई जाएंगी.

यह मौका उन लोगों के लिए खास है जो अच्छी फिल्मों के शौकीन हैं, फिल्म की पढ़ाई कर रहे हैं या फिर पहली बार गुरु दत्त की फिल्मों से रूबरू हो रहे हैं. अल्ट्रा मीडिया के एमडी और सीईओ सुशीलकुमार अग्रवाल ने कहा, “गुरु दत्त की फिल्में कभी पुरानी नहीं होतीं. ये फिल्में हर दौर के लोगों को कुछ न कुछ देती हैं. हम चाहते हैं कि आज के दर्शक भी इन फिल्मों को बड़े परदे पर देखें और महसूस करें कि सिनेमा क्या होता है.”

गुरु दत्त का जन्मदिन 9 जुलाई को था तो सवाल उठता है कि ये फेस्टिवल इतनी देर से क्यों ? इसपर जवाब देते हुए अल्ट्रा मीडिया और एंटरटेनमेंट ग्रुप के सीओओ रजत अग्रवाल ने कहा, “9 जुलाई वाले हफ्ते बहुत से फिल्में रिलीज हो रहीं थीं जिसकी वजह से गुरु दत्त की फिल्मों को जगह नहीं मिल पाती  और इन फिल्मों के साथ न्याय नहीं हो पाता, हमारी कोशिश है कि इन फिल्मों को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें .”

एनएफडीसी के डायरेक्टर प्रकाश मंगदुम ने कहा, “ये सिर्फ पुरानी फिल्में दिखाना नहीं है, बल्कि हमारी फिल्मी विरासत को बचाने की कोशिश है. यह काम भारत सरकार के नेशनल फिल्म हेरिटेज मिशन के तहत किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी गुरु दत्त की फिल्मों को देख सकें और उनसे कुछ सीख सकें.” इस फिल्म महोत्सव की शुरुआत होगी ‘प्यासा' से होगी जो की दुनिया की उन 100 फिल्मों की फेहरिस्त में शामिल है जिन्हें  देखना चाहिए . इन फिल्मों को देखकर कोई भी समझ सकता है कि गुरु दत्त क्यों इतने बड़े कलाकार माने जाते हैं. यह आयोजन उनके सिनेमा को आज की पीढ़ी से जोड़ने की एक शानदार कोशिश है.

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