एक्टर अक्षय कुमार को इंडस्ट्री के सबसे डेडिकेटेड और मेहनती एक्टर्स में से एक माना जाता है. वह साल में पांच-सात फिल्में करते हैं और काम को लेकर बहुत एक्टिव रहते हैं. आज वह बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार कहे जाते हैं और उनकी कमाई सैकड़ों करोड़ में है. लेकिन ये सफलता इतनी आसानी से नहीं मिली. इसके पीछे गहरा संघर्ष और कठिन मेहनत है. अक्षय ने शुरुआती दिनों में ऐसे-ऐसे काम किए जितके बारे में जानकर भी आपको हैरानी होगी. उन्होंने मुफलिसी के दिन देखे हैं और ठोकरे भी खाई हैं. खुद अक्षय कुमार अपने इंटरव्यूज में इसका जिक्र कर चुके हैं.
अक्षय ने एक इंटरव्यू में बताया कि, जब उन्होंने अपना सफर शुरू किया था, तो उनकी जेब में 200 रुपये भी नहीं थे. अक्षय ने कहा, "जब मैंने इस इंडस्ट्री में शुरुआत की थी, तो मेरी जेब में 200 रुपये भी नहीं थे. आज, मेरे पास बहुत कुछ है."
किया वेटर का काम
अक्षय सातवीं क्लास में फेल हो गए थे, उनके पिता को कैंसर हो गया था, उन्होंने बैंकॉक में वेटर का काम किया, पासपोर्ट ऑफिस में काम किया, चूड़ियां बेचीं, एक फैशन फोटोग्राफर की मदद की और स्टार बनने के बाद भी लगातार 14 फिल्में फ्लॉप दीं. आज उनकी नेटवर्थ 2,500 करोड़ रुपये से अधिक है.
100 रुपए के किराए पर रहते थे अक्षय
ANI के साथ एक इंटरव्यू में, बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों के बारे में खुलकर बात की. न्यूज एजेंसी से बात करते हुए अक्षय कुमार ने बताया कि जब उनका परिवार दिल्ली के चांदनी चौक से मुंबई आया, तो वे 100 रुपये किराए वाले एक छोटे से कमरे में रहते थे. उन्होंने कहा, "हम चांदनी चौक में एक ही घर में 24 लोग रहते थे. हम सब एक ही कमरे में सोते थे. सुबह जब हम एक्सरसाइज के लिए उठते थे, तो बाहर निकलने के लिए सब एक-दूसरे के ऊपर से कूदते थे."
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अक्षय ने आगे बताया कि जब वे पहली बार अपने परिवार के साथ मुंबई आए, तो वे मुंबई के सायन कोलीवाड़ा इलाके में रहने लगे. उन्होंने कहा, "भगवान की कसम, एक भी दिन ऐसा नहीं था जब हम मुस्कुराए या हंसे न हों. अब जब हमारे पास पैसा है, तो कभी-कभी हम उदास महसूस करते हैं. हालांकि, उस समय उदास होने जैसी कोई बात नहीं थी. हम दाल-चावल, जीरा आलू, आलू-गोभी, भिंडी खाते थे और खुश रहते थे."