रामायण को लेकर बीते कई सालों में कई तरह की फिल्में और सीरियल बने हैं. जिसमें सीता माता के किरदार को शालीनता, त्याग और अटूट निष्ठा और एक सौम्य किरदार में दिखाया गया है. सीता की छवि हर किसी के मन में ऐसी ही बनी हुई है. एक आदर्श पत्नी जो धर्म का पालन करती है. जिन्होंने पति के साथ 14 वर्षों का वनवास, अपहरण, लोगों से अपनी आलोचनाओं का हिम्मत से सामना करने वाली एक स्वाभिमानी स्त्री के तौर पर जाना जाता रहा है.
तलवार लिए दिखी सींता को लेकर छिड़ी बहस
लेकिन 3 जुलाई को नितेश तिवारी की 'रामायणम्' के ट्रेलर रिलीज के बाद से माँ सीता और उनके व्यक्तित्व को लेकर चर्चा छिड़ गई है. 'रामायणम्' के ट्रेलर में बहुत कुछ देखने को मिला है. जहां रणबीर कपूर पूरी तरह से शांत और संयमित भगवान राम लग रहे हैं, वहीं यश बतौर रावण हर फ्रेम में खतरनाक और डरावना दिख रहा है. लेकिन इसी ट्रेलर में साई पल्लवी का बतौर सीता एक बेहद दिलचस्प शॉट दिखाई देता है.
ट्रेलर के बीच एक शॉट में पीली साड़ी पहने सीता एक तलवार और गोल ढाल को लिए दिख रही हैं. हालांकि ये शॉट कुछ सेकंड का है, लेकिन इसने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है. क्या नितेश तिवारी इस फिल्म में सीता के एक ऐसे पहलू को दिखाने की तैयारी कर रहे हैं जिसे आज से पहले तक नजरअंदाज किया गया है?
सिर्फ राम की पत्नी नहीं
रामायणम् के ट्रेलर में हाथ में तलवार लिए साईं पल्लवी का ये शॉट कुछ सेकेंड का ही है, इसलिए कहानी का अंदाजा लगाना थोड़ा मुश्किल है. लेकिन इस सीन को देखने के बाद ऐसा लगा रहा है कि शायद इस फिल्म में सीता माता को उनकी सालों से बनी सौम्य छवि से हटकर अलग दिखाया जा सकता है. दूरदरर्शन में आई रामायण में माता सीता से अशोक वाटिका में बैठी सिर्फ एक कुश को लेकर रावण को खुद से दूर रखती थीं. वो इस फिल्म में तलवार लिए नजर आ रही हैं.
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हाथ में तलवार लिए सीता का ये शॉट क्या इस तरफ इशारा कर रहा है कि इसमें एक ऐसी सीता देखने को मिलेगी जो खुद के फैसले लेने, अपनी रक्षा करने और अपने लिए आवाज उठाने के साथ राम के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेगी.
पुरानी रामायण में भी सीता रही हैं योद्धा
हालांकि ये पहली बार नहीं है जब माता सीता को कोई योद्धा बताया गया है. वो एक सक्रिय योद्धा नहीं थी. लेकिन वाल्मीकि रामायण में उन्हें सहनशीलता और धर्म की मूरत बताया गया है, जो शारीरिक बल की बजाय अपने मानसिक और आध्यात्मिक संकल्प से जानी जाती हैं.
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वहीं सीता के स्वयंवर की वजह भी उनका साहस ही था. बचपन में खेलते-खेलते उन्होंने उस विशाल धनुष को आसानी से उठा लिया था. अपनी बेटी की इस शक्ति को देखकर जनक ने उनके विवाह के लिए स्वयंवर रखा, जिसमें शर्त थी उस धनुष को उठाना. जिसे केवल राम उठा पाए थे. इस स्वयंवर का उद्देश्य ऐसे व्यक्ति को खोजना था जो सीता की असाधारण क्षमताओं के अनुरूप हो.
हालांकि उनके इस एक शॉट ने लोगों के मन में कई तरह के सवाल पैदा कर दिए हैं. अब इंतजार है फिल्म की रिलीज का, जिसके बाद इन सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे.