दूरदर्शन का 40 साल पुराना वो सीरियल जिसे देखने के लिए लाहौर की सड़कों पर पसर जाता था सन्नाटा,पूरे पाकिस्तान को भी बना दिया था दीवाना

1980 के दशक में जब दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत जैसी धारावाहिकों का जमाना शुरू भी नहीं हुआ था, तब एक ऐसा सीरियल आया जिसने न सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तान में भी तहलका मचा दिया.

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दूरदर्शन का 40 साल पुराना वो सीरियल जिसे देखने के लिए लाहौर की सड़कों पर पसर जाता था सन्नाटा
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1980 के दशक में जब दूरदर्शन पर रामायण और महाभारत जैसी धारावाहिकों का जमाना शुरू भी नहीं हुआ था, तब एक ऐसा सीरियल आया जिसने न सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तान में भी तहलका मचा दिया. 1986 में प्रसारित हुआ 'बुनियाद' इतना लोकप्रिय हुआ कि इसे देखने के लिए हर कोई इंतजार करता था. लाहौर की सड़कें खाली हो जाती थीं. कर्फ्यू जैसा माहौल हो जाता था. लोग टीवी देखने के लिए जल्दी घर पहुंच जाते थे.'बुनियाद' भारत-पाकिस्तान विभाजन की कहानी पर आधारित था. 

बुनियाद कहानी 

कहानी लाहौर के स्कूल टीचर मास्टर हवेलीराम खन्ना और उनकी पत्नी लाजवंती (लाज्जो) की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है. बंटवारे से पहले वे लाहौर में खुश थे, लेकिन विभाजन के बाद उन्हें जबरन दिल्ली आना पड़ा. फिर कई दशकों तक विस्थापन के दर्द, संघर्ष और नए जीवन की शुरुआत को दिखाया गया. 105 एपिसोड वाले इस धारावाहिक के हर किरदार घर-घर में लोकप्रिय हो गए.

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बुनियाद के कलाकार

'बुनियाद' को शोले के निर्देशक रमेश सिप्पी और ज्योति स्वरूप ने निर्देशित किया था. कहानी मनोहर श्याम जोशी ने लिखी थी. इसमें आलोक नाथ, सोनी राजदान, सुधीर पांडे, पल्लवी जोशी, आलोक नाथ, दलीप ताहिल, मजहर खान और राजेश पुरी जैसे कलाकारों ने काम किया. मजहर खान ने एक बार बताया था कि महिलाएं रेड लाइट पर गाड़ी रोककर उनकी तारीफ करती थीं. आलोक नाथ को दर्शकों से सलाह मांगने वाली चिट्ठियां मिलती थीं, जबकि सोनी राजदान को नेगेटिव रोल के कारण नफरत भी झेलनी पड़ी.

लाहौर में कर्फ्यू

पाकिस्तान में 'बुनियाद' का क्रेज इतना था कि इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार और शनिवार को लाहौर में कर्फ्यू जैसे हालात बन जाते थे. सड़कें सुनसान पड़ जाती थीं. शो सिर्फ भारत-पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहा. कैलिफोर्निया, वेंकूवर, लंदन और दुबई में भी लोग इसे देखते थे. कई लोग विदेश से बच्चों को इसकी वीडियो कैसेट भेजते थे. आखिरी एपिसोड पर तो कई लोगों की आंखें नम हो गई थीं.

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इतनी लोकप्रियता के चलते ‘बुनियाद' को दो बार री-टेलीकास्ट करना पड़ा. 2006 में सहारा वन पर और 2020 में लॉकडाउन के दौरान फिर से दूरदर्शन पर दिखाया गया. आज भी यह शो पुरानी यादों को ताजा कर देता है और विभाजन की त्रासदी को याद दिलाता है.

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