26 एपिसोड, 26 सवाल, रविवार शाम 4:30 बजे आता था दूरदर्शन का वो सीरियल जिसने रामायण से पहले अरुण गोविल को बनाया सुपरस्टार

26 एपिसोड और 26 सवाल. दूरदर्शन पर रविवार दोहपर को साढ़े बजे आता था एक सीरियल, जिसने अरुण गोविल को रामायण से पहले ही टेलीविजन का चमकता सितारा बना दिया था. जानते हैं नाम.

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दूरदर्शन का वो सीरियल जिसने रामायण से पहले अरुण गोविल को बना दिया था सुपरस्टार
नई दिल्ली:

अरुण गोविल टीवी जगत का एक ऐसा नाम है जिसको सुनते ही मन में भगवान राम की तस्वीर उभर कर आ जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अरुण गोविल का रामायण से पहले भी एक सीरियल आया था, जिसने अरुण गोविल को सुपरस्टार बना दिया था. साल 1985 में दूरदर्शन में एक सीरियल आया जिसने रामायण से पहले ही अरुण गोविल को सुपरस्टार बना दिया था. 26 एपिसोड, 13 सवाल और शाम 4.30 बजे जब ये टीवी पर प्रसारित होता था तो लोग टीवी के सामने से हटते भी नही थी. धारावाहिक रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने इस शो में मुख्य भूमिका निभाकर खुद को एक सुपरस्टार बना लिया था. आइए जानते हैं हम किस सीरियल की बात कर रहे हैं. 

साल 1985 में आया था सीरियल 

साल 1985 में दूरदर्शन पर शाम 4.30 बजे जब विक्रम-बेताल का प्रसारण होता था, तो लोग अपनी टीवी के सामने चिपक जाते थे. इस सीरियल में आते ही धूम मचा दी थी. 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाकर घर-घर पूजे जाने से पहले, अभिनेता अरुण गोविल ने इसी शो में राजा विक्रमादित्य का रोल प्ले किया था. रामायण के आने से पहले ही अरुण गोविल को इस सीरियल ने स्टार बना दिया था. ये सीरियल 13 अक्टूबर 1985 को दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ जिसमें 26 एपिसोड में 25 कहानियां सुनाई गईं. हर रविवार को शाम 4.30 बजे इसके प्रसारित होते ही सड़कों पर लोग दिखने बंद हो जाते थे. 

अरुण गोविल के करियर में 'विक्रम और बेताल' उनके करियर का ऐसा पड़ाव था, जिसने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई. इस शो में उन्होंने राजा विक्रमादित्य का रोल प्ले किया था. वहीं उनके साथ बेताल के रोल में एक्टर सज्जन नजर आए थे. ये शो 6 अप्रैल 1986 तक चला और इसके कुल 26 एपिसोड प्रसारित हुए.

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टीवी के सामने बैठता था पूरा परिवार

उस दौर में टीवी पर गिने-चुने सीरियल ही आते थे. ऐसे में विक्रम-बेताल सीरियल सिर्फ एक मनोरंजन का कारण नहीं था, बल्कि परिवार के साथ बैठकर देखने का हिस्सा हुआ करता था. ये शो लोगों के बीच इतना पसंद किया गया कि टीवी पर आते समय सड़कें सूनी हो जाने की बातें आज भी इसके किस्सों में मिलती हैं. सीरियल का हर एपिसोड करीब 22 मिनट का था. 26 एपिसोड की इस सीरीज ने कम समय में अपनी अलग पहचान बना ली थी. 

क्या थी सीरियल की कहानी 

इस शो की कहानी राजा विक्रमादित्य और बेताल के इर्द-गिर्द घूमती थी. इसमें बेताल राजा विक्रम के कंधे पर बैठा रहता है और रास्ते में उनको कहानी सुनाता है. कहानी के खत्म होने के बाद बेताल राजा विक्रम से सवाल पूछता है. लेकिन इसमें एक शर्त होती थी कि अगर विक्रम को उत्तर पता होगा और वे जानते हुए भी चुप रहेंगे, तो उनका सिर फट जाएगा. लेकिन अगर वे मुँह खोलकर जवाब देंगे, तो बेताल उड़कर वापस पीपल के पेड़ पर चला जाएगा और राजा को उसे फिर पकड़कर लाना पड़ेगा. यही सवाल-जवाब वाला अंदाज शो की सबसे बड़ी खासियत बना. इस सीरियल को IMDB पर 8.3 रेटिंग मिली है.

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रामायण के कई किरदार थे इस शो का हिस्सा 

26 एपिसोड वाले इस सीरियल के निर्माता रामानंद सागर थे. इसका निर्देशन प्रेम सागर ने किया था. इसमें अरुण गोविल और सज्जन लाल पुरोहिल ने मुख्य किरदार निभाया था. इसके अलावा इसमें दीपिका चिखलिया, विजय अरोड़ा, अरविंद त्रिवेदी जैसे कई कलाकारों ने अहम रोल निभाया था. रामायण में अरविंद त्रिवेदी ने रावण का किरदार निभाया था और दीपिका चिखालिया सीता के रोल में नजर आई थीं. 

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