हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जो रिलीज के सालों बाद भी लोगों के दिलों से नहीं उतरतीं. खास बात तब होती है, जब किसी पुरानी और मशहूर कहानी को बिल्कुल नए अंदाज में पर्दे पर उतारा जाए. प्यार, दिल टूटना, नशे की लत और फिर जिंदगी को दूसरा मौका देने जैसी भावनाओं से भरी इस कहानी ने भी यही कमाल किया. यही वजह है कि इस पर कई फिल्में बनीं. लेकिन एक फिल्म ऐसी रही, जिसने अपनी अलग स्टाइल और मॉडर्न टच से दर्शकों का दिल जीत लिया.
'देवदास' की नई कहानी
साल 2009 में रिलीज हुई 'देव डी' को अनुराग कश्यप ने शरत चंद्र चट्टोपाध्याय के मशहूर उपन्यास 'देवदास' से इंस्पायर होकर बनाया था. माना जाता है कि शरत चंद्र ने ये कहानी तब लिखी थी, जब उनकी उम्र सिर्फ 17 साल थी. अनुराग कश्यप ने इस क्लासिक कहानी को आज के दौर के हिसाब से नया रूप दिया. बंगाल की जगह पंजाब और कोलकाता की जगह दिल्ली को कहानी का हिस्सा बनाया गया.जिससे फिल्म का पूरा अंदाज बदल गया. फिल्म में अभय देओल, माही गिल और कल्कि कोचलिन मुख्य भूमिकाओं में नजर आए. कहानी देव नाम के एक ऐसे युवक की है. जो अपने बचपन के प्यार से बिछड़ने के बाद नशे की गिरफ्त में चला जाता है. वहीं दूसरी तरफ चंदा नाम की एक लड़की हालात के चलते गलत दुनिया में पहुंच जाती है. दोनों अपनी-अपनी मुश्किलों से लड़ते हुए जिंदगी को नए तरीके से समझने की कोशिश करते हैं.
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दमदार एक्टिंग और शानदार म्यूजिक ने बनाया यादगार
'देव डी' अपनी अलग कहानी कहने के अंदाज, शानदार म्यूजिक और बेहतरीन एक्टिंग की वजह से खूब पसंद की गई. फिल्म में अभय देओल ने देव, माही गिल ने पारो और कल्कि कोचलिन ने चंदा के किरदार को यादगार बना दिया. खासकर कल्कि को इस फिल्म से बॉलीवुड में बड़ी पहचान मिली. IMDb पर 7.9/10 की रेटिंग पाने वाली 'देव डी' आज भी हिंदी सिनेमा की पसंदीदा कल्ट फिल्मों में गिनी जाती है. 'देवदास' पर कई फिल्में बनीं. लेकिन 'देव डी' ने इस क्लासिक कहानी को मॉडर्न अंदाज में दिखाकर अपनी अलग पहचान बनाई.