बॉलीवुड में कई बार ऐसा होता है कि किसी फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट से ज्यादा उसका नाम लोगों के दिमाग में पहली तस्वीर बना देता है. जैकी श्रॉफ की ‘अल्ला रक्खा' के साथ भी कुछ ऐसा ही किस्सा जुड़ा है. फिल्म में जैकी श्रॉफ के साथ डिंपल कपाड़िया, मीनाक्षी शेषाद्री, शम्मी कपूर, वहीदा रहमान और अनुपम खेर जैसे कलाकार थे. कहानी में एक्शन, ड्रामा और डबल रोल का मसाला भी था. इसके बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक नहीं चल सकी. इसके पीछे एक वजह इस फिल्म का नाम यानी टाइटल था. दरअसल ‘अल्ला रक्खा' नाम सुनकर दर्शकों के एक वर्ग को लगा कि यह मुस्लिम सामाजिक जीवन पर बनी फिल्म होगी, जबकि उस दौर में ऐसी फिल्मों का चलन नहीं था.
अमिताभ बच्चन को ध्यान में रखकर लिखी गई थी कहानी
‘अल्ला रक्खा' से जुड़ी सबसे दिलचस्प बात यह है कि जैकी श्रॉफ इस फिल्म के लिए पहली पसंद नहीं थे. फिल्म की स्क्रिप्ट अमिताभ बच्चन को ध्यान में रखकर लिखी गई थी. लेकिन उस समय अमिताभ बच्चन राजनीति में सक्रिय थे और फिल्में नहीं कर रहे थे. ऐसे में यह भूमिका जैकी श्रॉफ के पास पहुंची. यानी जिस फिल्म में बाद में जैकी श्रॉफ नजर आए, उसके लीड रोल के लिए पहले बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक अमिताभ बच्चन का नाम सामने आया था.
जैकी श्रॉफ ने निभाया था डबल रोल
फिल्म में जैकी श्रॉफ डबल रोल में नजर आए थे. उनके किरदारों में अल्ला रक्खा भी था और उसका हमशक्ल भी. उनके साथ डिंपल कपाड़िया, मीनाक्षी शेषाद्री, शम्मी कपूर, वहीदा रहमान और अनुपम खेर जैसे कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म की कास्ट को मजबूत बनाया था. कहा जाता है कि फिल्म में जैकी श्रॉफ के लिए इस्तेमाल किए गए कुछ कपड़े भी पहले अमिताभ बच्चन को ध्यान में रखकर तैयार किए गए थे. अमिताभ के फिल्म से अलग होने के बाद इनका इस्तेमाल जैकी के लिए किया गया. केतन देसाई इस फिल्म के निर्देशक होने के साथ इसके निर्माता भी थे. हालांकि फिल्म में बड़े कलाकार और मसालेदार कहानी थी, लेकिन इसके नाम को लेकर बनी धारणा को फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर न चलने की एक वजह माना जाता है.
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