गोविंदा ने अपने फिल्मी करियर में कई ऐसी फिल्में और गाने दिए जो आज भी याद किए जाते हैं. खासकर बात करें 90 के दशक की तो उस समय के गानों में रोमांस के साथ देसी अंदाज और शरारत का परफेक्ट तड़का देखने को मिलता था. आज हम बात करेंगे सालल 1993 में आई डेविड धवन की फिल्म के एक गाने की, जिसे कुमार सानु और साधना सरगम ने अपनी आवाज से ऐसा सजाया कि 33 साल बाद भी ये गाना लोगों की जुबान पर बना रहता है. गोविंदा और शिल्पा शिरोड़कर के मजेदार डांस और अंदाज ने लोगों के बीच इसे आज भी जिंदा बनाए रखा है.
90s के दौर के गानों में रोमांस के साथ देसी अंदाज और शरारत का तड़का खूब देखने को मिलता था. 1993 में आई डेविड धवन की फिल्म ‘आंखें' का गाना ‘अंगना में बाबा दुआरे पे मां' भी कुछ ऐसा ही है. कुमार सानू और साधना सरगम की आवाज में रिकॉर्ड इस गाने को इंदीवर ने लिखा था और इसका संगीत बप्पी लाहिड़ी ने दिया था. गाने में गोविंदा और शिल्पा शिरोडकर की जोड़ी का मस्ती भरा अंदाज नजर आता है. ‘खेत गए बाबा, बाजार गई मां, अकेली हूं घर मा तू आ जा बलमा' जैसे बोल इसे देसी रंग वाला मजेदार रोमांटिक गीत बनाते हैं.
'खेत गए बाबा, बाजार गई मां' ने किया हिट
इस गाने के बोल हैं अंगना नें बाबा दुआरे पे मां, कैसे आए गोरी हम तोहरे घर मा...खेत गए बाबा बाजार गई मां, अकेली हूं घर में तू आजा बालमा.. इस गाने के होल से कहानी सीधी समझ आती है कि लड़की अपने प्रेमी से मिलने के लिए घर बना रही है. इसके बाद गीत में हलवा-पूरी खिलाने से लेकर प्रेमी को घर बुलाने तक की शरारती बातचीत दिखाई देती है. आगे लड़की यहां तक कहती है कि अगर मां वापस आ गई तो वह उसे अपना जमाई बता देगी. यही देसी अंदाज इस गाने को बाकी 90 दशक के रोमांटिक गानों से अलग बनाता है.