अमिताभ बच्चन के बेटे' को देखने के लिए सेट पर जुट गई इतनी भीड़, 17 रीटेक के बाद सीन ओके कर सके अभिषेक बच्चन 

‘रिफ्यूजी’ साल 2000 में आई एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसे जे.पी. दत्ता ने डायरेक्ट किया था. भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश के तनावपूर्ण बॉर्डर इलाकों पर आधारित यह फिल्म एक ऐसे आदमी की कहानी है जिसे “रिफ्यूजी” के नाम से जाना जाता है.

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'अमिताभ बच्चन के बेटे' को देखने टूट पड़ी भीड़
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नई दिल्ली:

अभिषेक बच्चन की फिल्म रिफ्यूजी को 30 जून को 26 साल हो गए हैं. अभिषेक बचनच ने फिल्म से जुड़ा एक किस्सा सुनाया था. किस तरह 2-3 हजार लोग शूटिंग के दौरान जमा हो गए थे, और कह रहे थे कि उन्हें अमिताभ बच्चन के बेटे को देखने आए हैं. इतनी भीड़ की वजह से अभिषेक नर्वस हो गए थे. जीहां बॉलीवुड के दिग्गज अमिताभ और जया बच्चन के बेटे होने के बावजूद अभिषेक सीन करने में घबरा गए थे. सुपरस्टार का बेटा होने के बाद भी उन्हें कभी इस बात का घमंड नहीं रहा. उन्होंने हमेशा अपनी शुरुआती कमजोरियों के बारे में खुलकर बात की है. उन्होंने 2000 में आई अपनी पहली के बारे में बात की.  उन्होंने बताया कि उन्हें अपनी परफॉर्मेंस पर शक था, लेकिन उनके डायरेक्टर जेपी दत्ता इससे बिल्कुल सहमत नहीं थे.

सेट पर आखिर हुआ क्या था?

अभिषेक ने बताया, "जब जेपी दत्ता के पिता ओपी दत्ता, जिन्होंने फिल्म के डायलॉग लिखे थे, एक दिन की शूटिंग से पहले नरेशन के लिए आए. तब मुझे लगा कि मुझे बस कुलभूषण खरबंदा के सवाल 'तुम्हारा नाम क्या है?' का जवाब देना है...अपना 'नाम? रिफ्यूजी' बताना है. इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया और बेबो (करीना) के साथ मस्ती करता रहा. शूटिंग एक गांव में हो रही थी. यह लाइन बोलने के बाद मैंने चारों ओर देखा, लेकिन जेपी ने 'कट' नहीं कहा. मुझे लगा कि वह कुछ और एक्शन की उम्मीद कर रहे थे, इसलिए मैंने एक कटोरे में पानी भरना शुरू कर दिया, लेकिन उन्होंने अगला टेक भी ओके नहीं किया. सेट पर 5,000–10,000 लोग देख रहे थे. वे सभी यह सुनकर आए थे कि अमिताभ बच्चन का बेटा पहली बार एक्टिंग कर रहा है."

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जब एक सीन के लिए हुए 17 रीटेक

दबाव बहुत ज्यादा था, बड़ी ऑडियंस, बड़ी उम्मीदें और यह साफ दिख रहा था. “हर बार जब वह ‘कट' चिल्लाते, तो मुझे लगता कि अब वह मुझे थप्पड़ मारेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.” 16वें टेक तक अभिषेक काफी तनाव में थे. “16वें टेक के बाद जेपी साहब मेरे पास आए और पूछा कि क्या बात है. मैंने उन्हें बताया कि इतने सारे लोगों के सामने होने से मुझे घबराहट हो रही थी. उन्होंने सेट से सभी को हटा दिया. फिर उन्होंने मुझसे कहा कि चाहे कितना भी समय लगे, वह मुझसे वैसा ही परफॉर्मेंस निकलवाकर रहेंगे जैसा उन्हें चाहिए था. तभी मुझे एहसास हुआ कि जेपी ने शॉट इसलिए ‘कट' नहीं किया था क्योंकि ‘नाम? रिफ्यूजी' ही एकमात्र डायलॉग नहीं था जो मुझे बोलना था. असल में मेरे पास लगभग दो पेज के डायलॉग थे, जिन पर मैंने तब ध्यान नहीं दिया था, जब ओपी दत्ता कहानी सुनाने आए थे.”

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‘रिफ्यूजी' साल 2000 में आई एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसे जे.पी. दत्ता ने डायरेक्ट किया था. भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश के तनावपूर्ण बॉर्डर इलाकों पर आधारित यह फिल्म एक ऐसे आदमी की कहानी है जिसे “रिफ्यूजी” के नाम से जाना जाता है. वह लोगों को गैर-कानूनी तरीके से बॉर्डर पार करने में मदद करता है. इस फिल्म से अभिषेक बच्चन और करीना कपूर ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था और इसका संगीत अनु मलिक ने दिया था, जो काफी लोकप्रिय हुआ.

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