90s Melodious Song: गानों के लिहाज से 90 का दशक कर्णप्रिय गीतों का दौर कहें तो गलत नहीं होगा. ऐसा ही एक गाना था 'जिये तो जिए कैसे'. यह गाना 1991 में रिलीज हुई सुपर-डुपर हिट रही फिल्म 'साजन' का था, जिसे निर्देशक लॉरेंस डिसूजा ने डायरेक्ट किया था. फिल्म सुपरहिट रही थी, जिसमें उसके गानों को बड़ा योगदान था. फिल्म में कुल 7 गाने पिरोए गए थे और सारे के सारे गाने चार्टबस्टर साबित हुए.
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एक गाने को चार अलग-अलग सिंगर्स ने दी आवाज
एक ही गाने को चार अलग-अलग गायकों द्वारा सुर देने के पीछे एक बड़ा दिलचस्प किस्सा है. 90 के दशक में अपने सुमधुर संगीत के लिए मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया है. एक यूट्यूब टॉक शोज में नदीम सैफी ने बताया है कि 'जिये तो जिए कैसे' सांग पहले नंबर वन सिंगर कुमार सानू की आवाज में रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन नदीम श्रवण और फिल्म निर्माता को बाद में लगा यह गाना गजल अंदाज में ज्यादा अच्छा लगेगा और गाना पंकज उधास की आवाज में गाना रिकॉर्ड कर लिया. जैसे ही इसका जानकारी कुमार सानू को हुई मामला ठन गया.
विवाद सुलझाने के लिए प्रोड्यूसर ने खोजा अनोखा तरीका
एक ही गाने को दो सिंगर्स की आवाज में रिकॉर्ड करने को लेकर कुमार सानू और पकंज उधास के बीच युद्ध छिड़ गया. प्रोड्यूसर सुधाकर बोकाड़े एक पुराने इंटरव्यूज में कहते है कि उन्होंने विवाद सुलझाने के लिए बीच का रास्ता अपनाया और कुमार सानू और पंकज आवाज में रिकॉर्ड किए गए दोनों गानों को फिल्म में शामिल कर लिया. निर्माता ने इस मुद्दे को खत्म करने के इरादे से 'जिये तो जिए कैसे' गाने को एक फीमेल सिंगर समेत कुल चार गायको से रिकॉर्ड करवाया और सभी गानों को फिल्म में पिरो दिया. मजे की बात यह है कि फिल्म में चारो गाने सुनने वालों को पसंद आए.
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स्ट्रेटेजी का हिस्सा था पंकज उधास की आवाज में रिकॉर्डिंग
गौरतलब है 90 के दशक में संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण का सिक्का चलता है. उनकी म्युजिक से सजे गानों को श्रोताओं द्वारा अधिक पंसद किया जाता था. उस जमाने में नंबर वन सिंगर रहे कुमार सानू की अपनी बड़ी धाक थी, कोई उनके गाए गानों को सुर दे नहीं सकता है. निर्माता के सी बोकाडे़ पुराने इंटरव्यू में कहते हैं कि पंकज उधास की आवाज में 'जिये तो जीए कैसे' गाने की रिकॉर्डिंग एक स्ट्रेटेजी का हिस्सा था, लेकिन कुमार सानू को लगा उन्हें रिप्लेस किया जा रहा है, जिससे वो नाराज हो गए, उनकी गलतफहमी दूर करने के लिए गाने को चार अलग-अलग सिंगर्स द्वारा रिकॉर्ड कराना पड़ा.
'जीये तो जीए कैसे' एकलौता सांग नहीं, जिसमें विवाद हुआ
बॉलीवुड में ऐसे एक नहीं, अनेकों किस्से हैं जब किसी गाने की रिकॉर्डिंग को लेकर गायकों में मनमुटाव हो गए. निर्माता ने स्वीकार किया कि उस दौर में सिंगर के बीच अपने गानों को लेकर जबर्दस्त ईगो क्लैश होती थी. इस फेहरिस्त में 90 के दशक में रिलीज हुई फिल्म ''डर का गाना 'तू मेरे सामने' और फिल्म 'दीवाना' का गाना 'सोचेंगे तुम्हे करें कि नहीं' प्रमुख है. गायक अभिजीत भट्टाचार्य और उदित नारायण दोनों के बीच 'तू मेरे सामने' सांग के लिए विवाद हो गया, क्योंकि पहले इसे अभिजीत गाने वाले थे, लेकिन फिर गाना उदित नारायण को मिल गया, जो दोनों के बीच मनमुटाव का कारण बना.
दीवाना के गाने को लेकर भिड़े कुमार सानू और उदित
सुपरहिट फिल्म 'दीवाना' के सुपरहिट सांग 'सोचेंगे तुम्हें प्यार' को लेकर भी ऐसा विवाद पैदा हो गया था. साल 1992 में रिजील हुई फिल्म 'दीवाना' का सुपरहिट सांग, जिसे दिवंगत एक्टर ऋषि कपूर के ऊपर फिल्माया गया था. उसे कुमार सानू द्वारा गाया गया था. गाना ब्लॉकबस्टर रहा था, लेकिन जानकर सरप्राइज होंगे कि पहले यह गाना उदित नारायण गाने वाले थे, लेकिन यह गाना उदित नारायण के हाथों से छिटक गया, जिसके बाद दोनों दिग्गज प्लेबैक सिंगर्स के बीच काफी दिनों तक मनमुटाव रहा था.