हीरोइन की गाड़ी हुई खराब तो गीतकार ने लिख डाला ये 74 साल पुराना सुपरहिट गाना, सुरैया की आवाज ने बनाया पॉपुलर

प्रेम धवन और खराब गाड़ी का किस्सा  दिलचस्प है. जब सुरैया की 'देरी' ने 74 साल पुराने सुपरहिट गीत को प्रेरणा दी. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सुरैया की गाड़ी हुई खराब तो गीतकार ने लिखा डाला ये 74 साल पुराना सुपरहिट गाना
Social Media
नई दिल्ली:

भारतीय सिनेमा जगत के कुछ सितारे ऐसे रहे, जो लंबा समय गुजर जाने के बाद भी अपनी कलाकारी के जरिए दर्शकों के दिलों में रहे. ऐसे ही कालाकार थे प्रेम धवन. जो बहुमुखी प्रतिभा के धनी माने जाते थे. उन्होंने संगीत जगत, देशभक्ति गीतों और कोरियोग्राफी के क्षेत्र में शानदार छाप छोड़ी. प्रेम धवन सिर्फ एक गीतकार ही नहीं, बल्कि संगीतकार और कोरियोग्राफर भी थे, जिन्होंने अपने काम से भारतीय फिल्म जगत को नई दिशा दी. प्रेम धवन का जन्म 13 जून 1923 को अंबाला में हुआ था. 

प्रेम धवन का परिवार लाहौर पहुंचा 

प्रेम धवन का बचपन से ही रुझान कला और संस्कृति की ओर था. उनके पिता जेल सुपरिटेंडेंट थे और उनकी नौकरी के कारण परिवार को कई शहरों में रहना पड़ा. बाद में उनका परिवार लाहौर पहुंचा, जहां उन्होंने पढ़ाई की. लाहौर कॉलेज में उनके सहपाठी इंद्र कुमार गुजराल और साहिर लुधियानवी जैसे नाम थे, जिन्होंने आगे चलकर देश और साहित्य में बड़ा योगदान दिया. युवावस्था में ही प्रेम धवन स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए और कम्युनिस्ट विचारधारा से प्रभावित होकर इप्टा (इंडियन पीपल्स थिएटर एसोशिएसन) का हिस्सा बन गए. यहां उन्होंने नाटक, गीत और नृत्य के जरिए लोगों में आजादी की चेतना जगाने का काम किया. उन्होंने शास्त्रीय संगीत और नृत्य की भी शिक्षा ली, जिससे उनकी कला और निखर गई. 

ये भी पढ़ें- संजय कपूर की पुण्यतिथि पर इमोशनल हुईं करिश्मा कपूर, इंस्टाग्राम पर एक्स हस्बैंड के लिए शेयर किया पोस्ट

शहीद का मेरा रंग दे बसंती चोला लिखा गाना

मुंबई आने के बाद प्रेम धवन ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा. शुरुआती दौर में उन्होंने संगीतकारों के असिस्टेंट के रूप में काम किया और फिर साल 1946 में गीतकार के रूप में पहचान बनाई. फिल्म ‘जिद्दी' और अन्य फिल्मों में उनके गीतों को काफी सराहा गया. धीरे-धीरे उन्होंने कई बड़े संगीतकारों जैसे सलील चौधरी, अनिल विश्वास, रवि और चित्रगुप्त के साथ काम किया और हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए. प्रेम धवन को विशेष रूप से उनके देशभक्ति गीतों के लिए याद किया जाता है. 

Advertisement

फिल्म ‘शहीद' में उनका लिखा “मेरा रंग दे बसंती चोला” आज भी लोगों के दिलों में जोश भर देता है. उनकी रचनात्मकता सिर्फ गीत लेखन तक सीमित नहीं थी. उन्होंने कई फिल्मों में कोरियोग्राफी भी की और अपनी प्रतिभा दिखाई. फिल्म ‘नया दौर' जैसे गानों की कोरियोग्राफी में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा. 

बिगड़ी कार पर बना दिया ये गाना

Advertisement

उनके जीवन से जुड़ी एक दिलचस्प घटना भी है. एक बार अभिनेत्री-गायिका सुरैया फिल्म ‘मोती महल' की शूटिंग के लिए सेट पर देर से पहुंचीं क्योंकि उनकी कार रास्ते में खराब हो गई थी. जब उन्होंने यह बात टीम में सभी को बताई तो प्रेम धवन ने उसी अनुभव को एक गीत में बदल दिया और “कभी ना बिगड़े किसी की मोटर रस्ते में…” बना डाला. यह गीत 1 दिसंबर 1952 में रिलीज हुआ और बेहद लोकप्रिय हुआ. प्रेम धवन ने न सिर्फ फिल्मी गीतों में बल्कि सामाजिक विषयों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री और देशभक्ति फिल्मों में भी काम किया. उन्हें 1970 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया. 7 मई साल 2001 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. 

ये भी पढ़ें- राखी सावंत की डेब्यू फिल्म में थे गोविंदा, बोलीं- नहीं मिले पैसे, शूटिंग के लिए ड्रेस भी खुद खरीदा

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Dehradun IMA से गर्व कराने वाली लाइव तस्वीरें! 158वीं पासिंग आउट परेड President Murmu मौजूद!
Topics mentioned in this article
Prem Dhawan
Suraiya
Bollywood
Entertainment
Bollywood Songs