मित्रता अनुकूलता

जुलाई 23-अगस्त 22

सिंह मित्र

सिंह राशि वाले लोगों का व्यवहार काफ़ी दोस्ताना होता है। इसलिए ये हमेशा दोस्तों से घिरे रहतें है। ये अपने दोस्तों के लिए कुछ भी कर सकते हैं। दोस्तों की सराहना इन्हे एक सच्चा और ईमानदार दोस्त बनाती है। ये अपने दोस्तों को खुश रखते हैं और उनके लिए बहुत कुछ खर्च भी करते हैं। इनका खुशमिजाज व्यवहार सबको खुश कर देता है।


सिंह तथा मेष

इन दो राशियों के मित्रों के बीच अच्छा मेल-मिलाप रहेगा । दोनों एक-दूसरे की भावनाओं को अच्छी तरह समझ सकते हैं और मुसीबत के समय में एक दूसरे का साथ देने का प्रयास करेंगे। अतः गणेशजी पोजिटीव गुणों के साथ मित्रता को आगे बढ़ाने का निर्देश करते हैं।


सिंह तथा वृषभ

दोनों मित्रों को उनके संबंध अत्यंत चुनौतीपूर्ण प्रतीत होंगे। दोनों व्यक्ति एक-दूसरे से बहुत सीखेंगे और समस्याओं के निवारण के लिए कठिन प्रयास करेंगे। वृषभ और सिंह राशिवाले मित्रों के बीच बातचीत और पारस्परिक समझदारी बहुत आसानी से नहीं होगी। इससे उनके बीच गलतफहमी होने की अधिक संभावना है। अतः गणेशजी की दृष्टि से इन राशियों के बीच मित्रता इच्छनीय नहीं है


सिंह तथा मिथुन

मिथुन जातक अत्यंत बुद्धिमान एवं विवेकी होते हैं, जबकि सिंह राशि वाले आनंदी और स्पष्टवादी होते हैं। यदि मिथुन राशि वाले किसी भी मामले में नियंत्रण लगाते हैं, तो इससे सिंह राशि वालों की भावनाओं को चोट पहुंचती है। मिथुन अपनी पसंद-नापसंद तुरंत ही व्यक्त कर देते हैं, जबकि सिंह कभी किसी बात को मन पर लेकर गलत लगा बैठते हैं। इस बात की ओर ध्यान देते हुए गणेशजी दोनों व्यक्तियों को मैत्री संबंध आगे बढ़ाने से पहले अधिक सावधान रहने की चेतावनी देते हैं। यदि दोनों एक-दूसरे की कभी-कभी प्रशंसा करते रहें तो संबंध लंबे समय तक टिक सकता है।


सिंह तथा कर्क

गणेशजी की दृष्टि से यह युति मैत्री में सफल होने जैसी नहीं लगती, क्योंकि दोनों व्यक्ति एक-दूसरे की भावनाओं को ठेस पहुंचाते रहेंगे। एक-दूसरे के प्रति अधिक अपेक्षा रखेंगे, जिससे एक दूसरे को संभालना कठिन हो जाता है। अतः इन संबंधों में आगे बढ़ना उचित नहीं है।


सिंह तथा सिंह

दोनों व्यक्ति अत्यंत व्यवहारिक होंगे, परंतु यह युति मैत्री संबंध के लिए सामान्य साबित होगी। दोनों एक दूसरे को जिद्दी और अख्खड़ समझेंगे। एक-दूसरे की तारीफ करेंगे, परस्पर वफादार रहेंगे, परंतु एक-दूसरे को मनाना आवश्यक होता है। जिस क्षण जोड़ीदार या मित्र की वफादारी पर शक करना शुरू हो जायगा, उसी क्षण संबंधों में कड़वाहट उत्पन्न होगी, क्योंकि, दोनों जातक शक्तिशाली व्यक्ति हैं। इन संबंधों को बनाए रखने के लिए बहुत अधिक प्रयत्न करना पड़ता है।


सिंह तथा कन्या

गणेशजी की दृष्टि से इन राशियों में मेल होना कठिन अथवा असंभव है। दोनों व्यक्तियों की प्रकृति बिलकुल भिन्न है और उनके बीच मेल कराना कठिन है। अत्यधिक टिका-टिप्पणी और ऊंची अपेक्षाएं संबंधों को बिगाड़ती हैं । अतः गणेशजी इस मैत्री की सलाह नहीं देते।


सिंह तथा तुला

सिंह राशि वाले निर्णय के बहुत पक्के और स्पष्ट होते हैं, जबकि तुला राशि वाले सिंह राशि वालों को खुश करने के लिए समाधानकारी व्यवहार अपनाते हैं। इस दृष्टि से यह बिलकुल ठीक है। परंतु बाद में अथवा लंबे समय बाद तुला राशि वालों को ऐसा लगता है कि उसके पक्ष में अधिक समाधानकारी नीति अपनानी पड़ती है। इस कारण दोनों के बीच समस्या खड़ी होती है। अतः गणेशजी को ऐसा लगता है कि मित्रता की सीमा तक यह संबंध बहुत अच्छा है।


सिंह तथा वृश्चिक

गणेशजी का मानना है कि यह संबंध बहुत घनिष्ठ हो सकता है, परंतु दोनों मित्रों को कभी भी ऐसा नहीं लगता कि वे एक स्थिर जमीन पर खड़े हैं। इस कारण उन्हें उत्तेजना और बेचैनी का अनुभव होगा। हालांकि, यह व्यक्तिगत स्वभाव पर भी आधारित रहेगा। गणेशजी का कहना है, कि यदि इस संबंध में आगे बढ़ना हो, तो अधिक सावधानी रखें और संभव हो तो मैत्री को आगे बढ़ाने से टालें।


सिंह तथा धनु

अग्नि तत्व की इन दोनों राशियों के बीच बहुत अच्छा संबंध रहेगा। दोनों की रुचि और विशेष रूप से आध्यात्मिक विषयों में समानता होगी, परंतु कुछ नकारात्मक पहलु भी हैं। दोनों के बीच गलतफहमी भी फैलती है। धनु राशि वालों के सिंह राशि वालों के समक्ष बहुत स्पष्टतापूर्वक बातें न कर पाने के कारण बड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती हैं। इससे प्रथम दृष्टि में ये संबंध बहुत अच्छे लगने पर भी बाद में उनके बीच समस्याएं खड़ी होती हैं। अतः गणेशजी इन संबंधों को टालने की सिफारिश करते हैं।


सिंह तथा मकर

व्यापार धंधे में हिस्सेदार अथवा सहकर्मी के रूप में साथ काम करने में यह संबंध अच्छा हो सकता है, परंतु भावनात्मक मामलों में यह संबंध अच्छा नहीं रहेगा। दोनों राशि के अधिपति सूर्य और शनि के बीच शत्रुता एक-दूसरे के बीच झगड़ा, निराशा अथवा असहमति पैदा करती है। अतः जीवनसाथी के रूप में इन संबंधों को स्वीकार करने से बचना चाहिए, ऐसा गणेशजी का मानना है।


सिंह तथा कुंभ

यदि दोनों पक्ष एक-दूसरे के लिए कुछ त्याग करने के लिए तैयार हों, तभी ये संबंध टिके रहते हैं। ऐसा हो सकता है कि सिंह राशि वाले लोग कुंभ राशि वालों के आत्मविश्वास को कमजोर बना दें और उलझन में डाल दें, जबकि यह सब इरादापूर्वक नहीं होगा। फिर भी कुंभ राशि वालों को सिंह राशि वालों से कभी-कभी ढिलाई तथा उलझन का अनुभव होता है। गणेशजी का कहना है कि दोनों मित्र अपनी-अपनी इच्छाओं के विषय में प्रमाणिक आर स्पष्ट रहें, तो उनकी मैत्री आगे बढ़ सकती है।


सिंह तथा मीन

दोनों मित्र एक ही प्रोजेक्ट पर बौद्धिक स्तर पर बहुत अच्छी तरह सहयोगपूर्ण काम कर सकते हैं, फिर भी व्यक्तिगत संबंधों के लिए यह राशिमेल अच्छा नहीं है। कभी-कभी उनके बीच होनेवाले अहं के टकराव के कारण पारस्परिक भावनाओं को ठेस पहुंचती रहती है। गणेशजी इस मैत्री को बहुत आगे बढ़ाने के लिए योग्य नहीं मानते।

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