प्राइम टाइम इंट्रो : संसद की बहस में क्‍या सही सवाल उठे?

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  • प्रकाशित: फ़रवरी 24, 2016
कोई वक्ता रोहित वेमुला पर बोलने लगता तो कोई जेएनयू पर। कोई शुरू में रोहित पर बोलता तो बीच में जेएनयू पर और आखिर में राष्ट्रवाद पर। जब तक आप रोहित वेमुला पर कोई राय बनाते दूसरा वक्ता उठता और बहस को जेएनयू के बहाने राष्ट्रवाद और आतंकवाद की दिशा में ले जाता। लगा कि विचारों और भाषणों का झूला झूल रहे हैं। बेहतर होता ये बहस या तो पूरी तरह से जेएनयू पर होती या रोहित वेमुला पर।

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