नोटबंदी की सबसे ज्यादा मार मजदूर वर्ग पर पड़ रही है. मज़दूरों उनका मेहनताना कैश में मिलता है. पहले वे अपने गांव में खोले गए खाते में यहीं से पैसा डाल देते थे लेकिन नोटबंदी के बाद से वे खाते में पैसा नहीं डाल पा रहे हैं. ऐसे में उन्हें कमीशन देकर दूसरों के खाते का इस्तेमाल करना पड़ रहा है.