क्या प्रधानमंत्री की जाति पर राजनीति होनी चाहिए?

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  • प्रकाशित: अप्रैल 29, 2019
भारतीय राजनीति सबसे ज़्यादा जाति की ही बात करती है. पार्टियां जाति के आधार पर टिकट बांटती हैं, नेता जातिगत पहचान के सहारे वोट मांगते हैं, चुनाव जीतने की उम्मीद करते हैं. मीडिया भी अपने राजनैतिक समीकरणों का हिसाब लगाते हुए सबसे ज़्यादा जातियों के अनुपात पर ही ध्यान रखता है. आप कह सकते हैं कि अगर जाति भारतीय समाज की सच्चाई है तो भारतीय राजनीति इससे आंख कैसे चुरा सकती है.

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