हिमाचल प्रदेश में उना जिले के 27 साल के निषाद कुमार सिर्फ 6 साल के थे, जब घास काटने वाली मशीन में उनका हाथ कट गया और उनके और परिवार की आंखों के आगे अंधेरा छा गया. इसके बाद हर दिन के साथ निषाद का संघर्ष बढ़ता गया. मगर खेल के मैदान संघर्षों से भरे निषाद के सफर को कामयाबियों की मिसाल बनाते रहे. पांच साल पहले टोक्यो ओलंपिक 2020 और दो साल पहले पेरिस ओलंपिक 2024 में लगातार दो बार हाई जंप के सिल्वर मेडल जीतकर निषाद ने पैरालंपिक में मिसाल कायम कर दी हैं. दो साल पहले भी पेरिस ओलंपिक 2024 के दौरान आइफिल टावर पर इंटरव्यू करते हुए उन्होंने NDTV स्पोर्ट्स एडिटर विमल मोहन से कहा, 'सर, मलाल रह गया. गोल्ड का मलाल तो है.'