महोबा की मकनियापुरा मस्जिद में बुधवार रात को दो घंटे तक चली इस बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि अब मृत्यु के बाद तीजा और चालीसवें पर होने वाला सार्वजनिक मृत्यु भोज नहीं होगा. आवामी खाना अब नहीं होगा, इससे गरीब आदमी पर बहुत बोझ पड़ता है.