आज का माइक ऑन दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे से शुरू हुआ, जहां एक इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत और 12 का रेस्क्यू हुआ. ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि यह पूरा इलाका छात्रों का पीजी हब है, लेकिन डेथ ट्रैप बन चुका है.60 गज के छोटे प्लॉट पर 2 मंजिल की इजाजत के बावजूद 5-6 मंजिला इमारतें एक-दूसरे से सटी हैं, स्टिल्ट पार्किंग नहीं है, लोहे के सरियों पर टेम्परेरी पैनल लगाकर छज्जा निकालकर कमरा बना दिया गया है. सीढ़ियां डेढ़ फीट की हैं, फायर एग्जिट नहीं, तारों का जाल है, दिन में भी अंधेरा रहता है और मोबाइल सिग्नल तक नहीं आता. एक कमरे का किराया 12-15 हजार और एक फ्लोर से 1 लाख तक वसूला जा रहा है, लेकिन प्लास्टर हाथ से निकल रहा है. कार्रवाई में डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, सीनियर इंजीनियर रणवीर सिंह, EE ललित कुमार गोयल समेत कई इंजीनियर सस्पेंड और मालिक हरिराम बंसल परिवार सहित गिरफ्तार कर दिल्ली लाया जा रहा है. CM रेखा गुप्ता ने हर विधायक को जर्जर और 15 मीटर से ऊंची इमारतों को चिन्हित करने को कहा है, जबकि हाईकोर्ट ने DU, MCD और सरकार को नोटिस देकर हाई-लेवल जांच और हॉस्टल रिपोर्ट मांगी है.