बच्चों का अखबार ‘बालकनामा’

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  • प्रकाशित: नवम्बर 14, 2014
सिनेमा व्‍यू
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आबादी के लिहाज़ से भारत में बेघर और कामकाजी बच्चों की संख्या सबसे ज़्यादा है। ऐसे में समाचार पत्र बालकनामा से जुड़े बच्चे न सिर्फ बाल मज़दूरी कर रहे बच्चों को विकल्प दे रहे हैं बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने का काम भी कर रहे हैं।

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