सूत्रों के मुताबिक ईरान को युद्धविराम के लिए चीन ने मनाया; चीनी अधिकारियों ने सीधे बातचीत की. चीन ईरान का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर और ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है—जंग खत्म होना चीन के हित में. स्टेट ऑफ हॉर्मुज़ को नॉर्मलाइज करना चीन के लिए जरूरी, ताकि तेल आपूर्ति बाधित न हो. तेल पर आर्थिक निर्भरता: ईरान के कच्चे तेल पर चीन को भारी डिस्काउंट मिलता रहा; सप्लाई रुकने से चीन को नुकसान.
रूस विकल्प महंगा
गल्फ से तेल न मिलने पर चीन रूस से सोर्स करेगा, लेकिन रूसी क्रूड हालिया महीनों में महंगा हुआ है. चीन ने UNSC में हॉर्मुज़ खोलने के प्रस्ताव पर वीटो/रुख दिखाया; लक्ष्य टकराव खत्म करना. पश्चिम एशिया में प्रभाव बढ़ाना—तीन साल पहले सऊदी–ईरान सुलह में भी चीन की भूमिका. 40 दिनों की लड़ाई के बाद ईरान ने दिखाया कि वह अमेरिका से टक्कर ले सकता है. ईरान–चीन–रूस एलायंस बनाम अमेरिका का अब्राहम अकॉर्ड—मिडिल ईस्ट में प्रभाव की होड़. खाड़ी देश अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर पुनर्विचार कर सकते हैं; नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा उभरने की संभावना.