पश्चिम एशिया में तनाव लगातार खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है. अमेरिका ने ईरानी सेना के पांच वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर बड़ा कदम उठाया है. अमेरिका ने इन अधिकारियों की तस्वीरें जारी करते हुए प्रत्येक पर एक करोड़ रुपये (डॉलर में इनाम) घोषित किया है. इतना ही नहीं, अमेरिका ने यह भी कहा है कि इन अधिकारियों के बारे में जानकारी देने वालों को दूसरे देशों में शिफ्ट किया जा सकता है. यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने ऐसी सूची जारी की हो. इससे पहले अमेरिका एक ऐसी ही सूची जारी कर चुका है, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई का नाम भी शामिल था.
ऊर्जा ठिकानों पर हमले, दुनिया की चिंता बढ़ी
अब तक पश्चिम एशिया में संघर्ष सैन्य ठिकानों तक सीमित था, लेकिन तेल और गैस ठिकानों पर हमलों ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल की ओर से किए गए हमले के बाद स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई. इसके जवाब में ईरान ने कतर के रास लफान गैस फील्ड पर बड़ा हमला किया, जिसे अब तक के सबसे गंभीर ऊर्जा हमलों में से एक माना जा रहा है.
ट्रंप बोले – “हमें हमले की जानकारी नहीं थी”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “हमें गैस फील्ड पर हुए हमले की कोई जानकारी नहीं थी। इजरायल ने यह हमला गुस्से में किया.” हालांकि, रॉयटर्स की रिपोर्ट कुछ और ही कहानी बयां करती है. रिपोर्ट में अमेरिकी सुरक्षा से जुड़े तीन अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि हमले की जानकारी ट्रंप को थी और अमेरिका ने इस ऑपरेशन में मदद भी की थी. उधर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि इजरायल ने यह हमला पूरी तरह अकेले किया.
कतर को भारी नुकसान, दुनिया पर पड़ेगा असर
कतर का दावा है कि रास लफान गैस फैसिलिटी पर ईरानी हमले से उसे करीब 20 अरब डॉलर का सालाना नुकसान हुआ है. इतना ही नहीं अगले 5 साल तक LNG निर्यात क्षमता में 17% की गिरावट. इसका सीधा असर यूरोप, एशिया और वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर पड़ेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में गैस की कीमतों में तेज़ उछाल देखा जा सकता है.
ईरान की खुली चेतावनी – “अब कोई हद नहीं होगी”
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने तीखी चेतावनी देते हुए कहा है, “ईरान ने अभी पश्चिम एशिया के ऊर्जा ढांचे पर अपनी ताकत की केवल झलक दिखाई है. अगर हमारे गैस ठिकानों को फिर से निशाना बनाया गया, तो ईरान के पास जवाब देने की कोई सीमा नहीं होगी.” उन्होंने साफ कहा कि ईरान का धैर्य अब जवाब दे रहा है और अगला कदम कहीं ज़्यादा गंभीर हो सकता है.