Ghaziabad: गौर ग्रीन में आग के बाद बड़ा सच सामने आया, क्या आपकी सोसाइटी भी असुरक्षित है?

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  • प्रकाशित: अप्रैल 30, 2026

इंदिरापुरम की पॉश सोसाइटी गौर ग्रीन की 8वीं मंजिल पर आग लगने की घटना के बाद दिल्ली‑एनसीआर की हाई राइज इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस वीडियो में गाजियाबाद और नोएडा जैसे शहरों की सुपर हाई राइज बिल्डिंग्स में फायर सेफ्टी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई है. चीफ फायर ऑफिसर राहुल पाल बताते हैं कि फायर डिपार्टमेंट समय‑समय पर मॉक ड्रिल और फायर ऑडिट करता है, ताकि इमरजेंसी के वक्त त्वरित कार्रवाई संभव हो सके.


वीडियो में यह भी बताया गया है कि गौर ग्रीन की घटना के दौरान हाइड्रॉलिक लैडर को पूरी तरह लगाने में कैसे एनक्रोचमेंट और ओपन स्पेस की कमी बड़ी चुनौती बनी. इसके बावजूद फायर ब्रिगेड की टीम ने अंदरूनी सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए आग पर काबू पाया. साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि दुनिया में अधिकतम 101‑110 मीटर तक की हाइड्रॉलिक लैडर ही उपलब्ध और कारगर होती है, इसलिए फायर डिपार्टमेंट की सबसे बड़ी निर्भरता बिल्डिंग के इंटरनल फायर सिस्टम पर होती है.


चर्चा में यह भी खुलासा होता है कि गाजियाबाद की सैकड़ों हाई राइज सोसाइटीज़ में से कई के पास आज भी मानकों के अनुसार फायर सिस्टम नहीं हैं, जिस पर नोटिस और कानूनी कार्रवाई की जा रही है. वीडियो के अंत में आम लोगों से अपील की जाती है कि फ्लैट खरीदते समय केवल इंटीरियर नहीं, बल्कि फायर सेफ्टी इंतज़ामों को भी ज़रूर देखें.