हामिद अंसारी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। इस बार उन्होंने महमूद ग़ज़नवी और लोदी को ‘हिंदुस्तानी लुटेरे’ बताते हुए कहा कि उन्हें विदेशी नहीं कहा जाना चाहिए। लेकिन सवाल यह है कि जिसने भारत पर 17 बार हमला किया और सोमनाथ मंदिर को तोड़ा, क्या उसे सिर्फ ‘हिंदुस्तानी’ कह देना इतिहास के साथ न्याय है? बीजेपी ने हामिद अंसारी के बयान पर कड़ा ऐतराज़ जताया है और कांग्रेस की सोच पर सवाल उठाए हैं। क्या यह इतिहास की नई व्याख्या है या आक्रांताओं के महिमामंडन की कोशिश? आज ‘तीन का तरकश’ में इसी मुद्दे पर तीखी बहस।