Video: क्‍या पेट्रोल वाली कारें देश में बैन हो जाएंगी? E85 Launch प्रोग्राम में Petroleum Minister हरदीप पुरी ने दिया जवाब | Read

Hardeep Singh Puri E85 Flex Fuel: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोगों के मन में 'पेट्रोल कार बैन' से जुड़े सवाल का जवाब दिया है. उन्‍होंने आश्वस्‍त किया है कि पेट्रोल से चलने वाली पुरानी कारों को बैन करने का सरकार का कोई विचार नहीं है और इसका E85 लॉन्‍च से कोई मतलब नहीं है. राजधानी दिल्‍ली में E85 लॉन्‍च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्‍होंने कहा, 'यहां आने से पहले, मुझे किसी का एक दिलचस्प मैसेज मिला- मैंने अप्रैल में एक E20 कार खरीदी थी, क्‍या अब वह बेकार लग रही है. मैंने उनसे कहा, अरे नहीं, आपकी E20 कार बहुत काम की है. यह लंबे समय तक आपकी सेवा करेगी.'

केंद्रीय मंत्री ने देश में हरित ईंधन (Green Fuel) को बढ़ावा देने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए 'फ्लेक्स फ्यूल' (E85) के महत्व पर जोर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब स्वदेशी तकनीक और स्थानीय बायोमास से बने ईंधन के जरिए ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की राह पर है.

E20 और E85 के बीच का अंतर

मंत्री पुरी ने एक उपभोक्ता के अनुभव का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया कि E20 (20% इथेनॉल मिश्रण) और E85 (85% इथेनॉल मिश्रण) अलग-अलग श्रेणियां हैं. उन्होंने कहा, "E20 कारें लंबे समय तक सेवा देंगी, लेकिन E85 एक विशेष श्रेणी है. जब पेट्रोल पंपों पर E85 उपलब्ध होगा, तो वहां स्पष्ट साइनबोर्ड लगाए जाएंगे ताकि ग्राहकों को पता रहे कि यह केवल E85-कम्पैटिबल वाहनों के लिए है."

क्यों चुनें हरित ईंधन?

E85 ईंधन के फायदों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि इसे चुनना पर्यावरण और धरती को बचाने की दिशा में एक बड़ा योगदान है. उन्होंने इसके फायदे बताए- 

  • प्रदूषण में कमी: यह जहरीले उत्सर्जन और वायु प्रदूषण को कम करने में सहायक है.
  • अन्नदाता को लाभ: इससे किसानों (अन्नदाता) को ऊर्जा प्रदाता बनने में मदद मिलेगी.
  • आर्थिक बचत: ग्रीन फ्यूल के उपयोग से भारत की विदेशी मुद्रा की भारी बचत होगी.

'मेक इन इंडिया' की सफलता

मंत्री ने हाल ही में लॉन्च हुए एक स्वदेशी टू-व्हीलर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला ब्रांड अब 100% भारतीय कलपुर्जों से निर्मित हो रहा है. उन्होंने भविष्य की तस्वीर पेश करते हुए कहा कि जब पूरी तरह स्वदेशी वाहन स्थानीय बायोमास से बने ईंधन पर चलेंगे, तो यह आत्मनिर्भर भारत की असली जीत होगी.